By: Oneindia Hindi Video Team
Published : November 24, 2017, 05:20

एक ही दिन उठी बेटी की अर्थी तो दूसरी बेटी की हुई शादी

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यूपी के आगरा में एक रिटायर्ड फौजी के परिवार पर दुखों का ऐसा पहाड़ टूटा कि वो भगवान से बस ऐसा किसी के साथ न होने की दुआ मांगता दिखाई दिया। थाना जगदीश पुरा के गढ़ी भदौरिया निवासी फौज से रिटायर्ड नायब सूबेदार वीरेंद्र कुमार के एक बेटे और चार बेटियां हैं। 12 साल पहले उन्होंने अपनी बड़ी बेटी नीरज की शादी टेढ़ी बगिया के रहने वाले फौजी पुष्पेंद्र के साथ की थी। वीरेंद्र के मुताबिक, शादी के बाद से ही बेटी को कम दहेज के ताने मिलते थे और बीच-बीच में हमें उनकी मांग पूरी करनी पड़ती थी। दहेज लोभियों ने उनकी बेटी को 20 नवंबर को जिंदा जलाने की कोशिश की। दो दिन बाद अस्पताल में उनकी बेटी की मौत हुई। जिस दिन अर्थी उठनी थी उसी दिन तीसरे नंबर की बेटी की शादी भी थी।

वीरेंद्र ने कहा कि जब बेटी की मौत हुई तो उसकी अर्थी को हम घर के अंदर भी नहीं ला सके। भला हो हमारे नए दामाद का जो उसने शादी के लिए हाँ की और बिना दावत के हमारे घर आकर चुपचाप बेटी को विदा कराया। वीरेंद्र के अनुसार जो दुख उस पर बीता है वो किसी और पर न हो इसलिए ऐसे दहेज लोभियों को सख्त से सख्त सजा मिलनी चाहिए। वहीं दूल्हा-दुल्हन भी आगे परिवार का साथ देने और दोषियों को सजा दिलाने की बात कहते हुए नजर आए। इस प्रकरण में एत्माउद्दौला एसओ हुकुम सिंह का कहना है कि मामले में 307 का मुकदमा दर्ज है और आगे हत्या की धारा लगाई जा रही है। आरोपी फरार है और उनकी गिरफ्तारी के प्रयास किये जा रहे हैं।

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