By: Oneindia Hindi Video Team
Published : January 11, 2018, 05:11

जिस वृद्धा ने गांव को बनाया शौचमुक्त, वही लड़ रही अब टॉयलेट पाने की लड़ाई

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कानपुर। 2 अक्टूबर 2017 को स्वच्छता अभियान को सफल बनाने में योगदान देने वालों को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ बुलाकर सम्मानित कर उनका प्रोत्साहन किया था। उनमें से कानपुर की तहसील व थाना सिकन्दरा के रोहिनी गांव की 72 साल की विधवा वृद्धा रामकली भी है, जो पैर से विकलांग भी है। पति सुखदेव प्रसाद की मौत के बाद अपने पुत्र राकेश पुत्र वधू रत्ना व दो नाती विष्णु व अमन के साथ गुजर बसर करती है।

मोदी जी से प्रेरित हुई दिव्यांग रामकली ने अपने गांव को स्वच्छता अभियान के तहत ओडीएफ मुक्त बनाने के लिए एक डंडे का सहारा लिया और खेतों की तरफ शौच को जाने वाले ग्रामीणों को रोक कर स्वच्छता अभियान में महत्वपूर्ण भागीदारी निभाई। उन्हें लखनऊ में सहायता राशि व प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। वही वृद्धा आज खुद के घर में शौचालय को लेकर बड़ी जंग लड़ रही है। तहसील से लेकर जिले के आला अधिकारियों से शिकायत की लेकिन उसे शौचालय नहीं मिल रहा है।

रामकली का आरोप है कि जब ग्राम प्रधान कैलाश कटियार से कहा तो उन्होंने शौचालय की जगह पर चकरोड व श्रमदान की बात कहकर टरका दिया और शौचालय न बनवाए जाने का अल्टीमेटम दे डाला।

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