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By : Oneindia Hindi Video Team
Published : November 07, 2017, 03:30
Duration : 01:50

निकाय चुनाव: पार्षद ने आनन-फानन में की शादी ताकि महिला सीट पर उतार सकें घर से उम्मीदवार

कानपुर। उत्तर प्रदेश के नगर निगम चुनावों में अजब-गजब नजारे देखने को मिलने लगे हैं। कानपुर नगर निगम चुनाव में एक वॉर्ड महिला के लिए आरक्षित होने के बाद वर्तमान पार्षद ने आनन-फानन में शादी कर डाली और अपनी नई नवेली दुल्हन को प्रत्याशी बनाकर चुनाव मैदान में उतार दिया। राजनीतिक विरासत बचाने की ये जुगत आजकल यहां चर्चा का विषय बनी हुई है। यूं तो तमाम राजनीतिक दलों ने ऐलान किया हुआ है कि उत्तर प्रदेश स्थानीय निकाय चुनावों में जो सीटें महिलाओं के आरक्षित हुई हैं, उनपर नेताओं की पत्नियों को टिकट नहीं दिया जाएगा बल्कि पार्टी की निष्ठावान महिला कार्यकर्ताओं को प्रत्याशी बनाया जायगा। फिर भी कई आरक्षित वॉर्डो में पूर्व पार्षदों की पत्नियां कतार में खड़ी दिख रही हैं। कानपुर के एक पार्षद के सामने अपनी राजनीतिक विरासत बचाने की चुनौती आन खड़ी हुई तो उसने कमाल का नुस्खा खोज निकाला। हुआ ये कि नवाबगंज क्षेत्र के वॉर्ड 43 से पिछला चुनाव समाजवादी पार्टी के राजकिशोर यादव जीते थे। उनकी शादी आगामी 23 नवंबर को नेहा नाम की युवती के साथ होना तय था। शादी के निमंत्रण बांटे जा रहे थे कि नगर निगम चुनाव की तारीखों का ऐलान हो गया। कानपुर नगर निगम में 22 नवंबर को मतदान होना तय हुआ। सपा पार्षद राजकिशोर की की खुशियां उस समय काफूर हो गई जब उन्हें पता चला कि उनका वॉर्ड महिला कोटे में आरक्षित कर दिया गया है। नेता कहां हार मानने वाले थे, उन्होंने जुगत निकाली और तीन सप्ताह पहले यानि 31 अक्टूबर को ही अपना ब्याह रचा डाला। विवाह के अगले ही दिन उन्होनें अपनी नई नवेली दुल्हन को चुनाव मैदान में उतारने की घोषणा कर दी। अब नेता जी ने पार्टी आलाकमान के सामने टिकट पर दावा ठोंक दिया है और पत्नी को पार्टी का अधिकृत उम्मीदवार बनाने की मांग की है।

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