By: Oneindia Hindi Video Team
Published : January 17, 2018, 03:39

जस्टिस और जजों का फर्क समझिए लीजिए फिर विवाद पर व्याख्यान दीजिएगा

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इतिहास में पहली बार सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस मीडिया के सामने आए थे और देश में सुप्रीम कोर्ट, जज और जस्टिस का मुद्दा आम हो गया ... लेकिन क्या आपको पता है की जज और जस्टिस में फर्क है.. जो बार- बार कहा जा रहा है की जस्टिस लोया की मौत की जांच हो उसमें उन्हें जज कहा जाय या जस्टिस... खैर आपके इस फर्क को हम दूर कर देते हैं... हम आपको बताते हैं की जज और जस्टिस में फर्क है... जज और जस्टिस को लेकर हम हमेशा ग़लती करते हैं.. हम एक जिम्मेदार चैनल हैं ये हमारा फर्ज बनता है की हम सही तथ्य आपको बताएं.... लोअर कोर्ट में जज होते हैं , हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस . लोया जज थे , जस्टिस नहीं . कोई उनको जज लिख रहा है , कोई जस्टिस . जस्टिस को हिन्दी में न्यायमूर्ति कहते हैं . जज को न्यायाधीश कहते हैं . प्रचलन में जस्टिस को न्यायाधीश भी कहा जाता है लेकिन ज़िला जजों को न्यायमूर्ति नहीं कहा जा सकता . जस्टिस को जज कहा सकता है लेकिन जज को जस्टिस नहीं . जैसे सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस को जज भी कहा जाता है लेकिन ज़िला अदालतों के जज को जस्टिस नहीं कहा जा सकता . लोअर कोर्ट में योर ऑनर कहा जाता है , अपर कोर्ट में मी लार्ड . अब उनके लिए योर लार्डशिप कहा जाता है . ऐसे में एक बार और आपको बता दें की निचली अदालतों के जजों को किसी भी सूरत में जस्टिस नहीं कहा जा सकता...

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