US-Iran War: भारत ने ईरान के युद्धपोत को क्यों दी थी पनाह? S. Jaishankar ने संसद में बताई असली वजह
S. Jaishankar ने हाल ही में ईरानी नौसैनिक जहाज IRIS Lavan के कोच्चि में डॉक करने के मुद्दे पर भारत का रुख स्पष्ट किया। उन्होंने बताया कि ईरान ने अपने कुछ जहाजों को भारतीय बंदरगाहों पर ठहरने की अनुमति मांगी थी, क्योंकि उनमें से एक जहाज को समुद्र में तकनीकी समस्या का सामना करना पड़ा था। भारत ने मानवीय आधार पर इस अनुरोध को स्वीकार किया। करीब 183 क्रू सदस्यों—जिनमें कई युवा कैडेट भी शामिल थे—को लेकर यह जहाज 4 मार्च को Kochi पहुंचा। जयशंकर ने कहा कि भारत का यह निर्णय पूरी तरह मानवीय दृष्टिकोण और अंतरराष्ट्रीय समुद्री नियमों के अनुरूप लिया गया, न कि किसी राजनीतिक पक्ष के समर्थन में। उन्होंने यह भी बताया कि यह जहाज पहले अंतरराष्ट्रीय नौसैनिक गतिविधियों में भाग ले रहा था, लेकिन क्षेत्रीय तनाव बढ़ने के कारण स्थिति बदल गई। भारत ने दोहराया कि वह क्षेत्रीय स्थिरता, समुद्री सुरक्षा और अपने रणनीतिक हितों को प्राथमिकता देता है।


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