By : Oneindia Hindi Video Team
Published : April 14, 2018, 06:04

चौकी फूंकने की धमकी देने वाले भाजपा नेता पर केस दर्ज, मंत्री ने कहा वो मेरा भाई नहीं

वाराणसी। वाराणसी। 7 अप्रैल को आखरी चौकी इंचार्ज के साथ दुर्व्यवहार और गाली गलौज के बाद पुलिस चौकी फूंक देने की धमकी देने वाले धर्मेंद्र राजभर खुद को योगी सरकार के राज्य मंत्री और रोहनिया के विधायक अनिल राजभर के मौसेरे भाई होने का दावा कर रहे थे। अब राज्य मंत्री अनिल राजभर ने कहा कि उनका कोई भाई नहीं है, हां ये जरूर है कि पार्टी के कार्यकर्ता और समर्थक हमारे भाई है। धर्मेंद्र राजभर से हमारा कोई पारिवारिक रिश्ता नहीं है। बता दें कि उन्नाव की घटना के बाद इस वक्त योगी सरकार वैसे ही विपक्ष के निशाने पर है।

उत्तर प्रदेश के वाराणसी में रोहनिया थाना क्षेत्र के अखरी चौकी घेराव प्रकरण में भाजपा नेता सहित 8 नामजद और 25 अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है । बता दें कि बीते दिनों क्षेत्र में लठिया गांव निवासी बाप-बेटे अशोक यादव औऱ राम जी यादव का विवाद 7 अप्रैल को हुआ था मामले अखरी पुलिस चौकी पहुंचा तो पुलिस ने इन दोनों के साथ ही गांव के राजनाथ यादव को भी पूछताछ के लिए चौकी पर बैठा लिया था। इसकी जानकारी होने पर पुलिस द्वारा बैठाए गये लोगों को छुड़ाने के लिए सुंदरपुर निवासी भाजपा नेता अपने कुछ साथियों के साथ रात करीब 9 बजे चौकी पर पहुंच गये और चौकी इंचार्ज अखरी त्रिवेणी सिंह से उलझ गए। भाजपा नेता धर्मेंद्र राजभर और उनके समर्थकों की पुलिस के साथ काफी गर्मागर्म बहस हुई जिसके बाद भाजपा नेता ने अपने साथ आये समर्थकों को लामबंद कर चौकी पर घेराव व प्रदर्शन किया। कुछ लोगों द्वारा पुलिस वालों के अलावा चौकी प्रभारी के साथ गाली-गलौज व दुर्व्यवहार किया गया और थाना फूंकने की धमकी दी गई।

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