By : Oneindia Hindi Video Team
Published : April 14, 2018, 06:41

हॉस्पिटल के बाहर सड़क किनारे पड़ी बीमार महिला को नहीं दी गई एंबुलेंस, यूपी का हाल

अमेठी। उत्तर प्रदेश के अमेठी इलाके की घटना है। 60 वर्षीय रामपति को सांस लेने में दिक्कत थी। रिश्तेदार गीता देवी उसे एम्बुलेंस से लेकर असैदापुर हास्पिटल में आई। यहां डॉक्टरों ने ड्रिप चढ़ाई और अंत में डॉक्टर अनीस अहमद ने सीरियस कंडीशन में कुछ गोलियां लिख महिला को अपने साधन से घर जाने को कहा। आरोप है कि डॉक्टर ने कहा कि छोड़ने की जिम्मेदारी नहीं है। गीता देवी क्या करती, न पास में पैसे, न पति और बेटा, हॉस्पिटल से वो वृद्ध को लेकर सड़क किनारे आकर बैठ गई।

भारत भूषण, अमित शुक्ला जैसे राहगीर वहां पहुंच गये। महिला को तपती धूप में यूं सड़क किनारे पड़ा देख इन सभी ने माजरा जाना तो पता चला कि साधन के अभाव में वो वृद्ध महिला को लेकर बैठी है। हॉस्पिटल प्रशासन ने एंबुलेंस देने से इंकार कर दिया है जिस पर इन राहगीरों को गुस्सा आया। सभी ने मिलकर चंदा किया और महिला को ले जाने के लिए साधन का इंतजाम किया।

जांच करा दोषी के विरुद्ध की जायेगी कठोर कार्रवाई: CMO
इस गंभीर मामले पर सीएमओ डॉक्टर राजेश मोहन ने कहा कि मीडिया के माध्यम से उन्हें जानकारी हुई कि महिला रामपति को एम्बुलेंस की सुविधा नहीं दी गई। जबकि हमारे यहां है कि गंभीर मरीज है तो हायर सेंटर में रेफर किया जाये। उन्होंने कहा के प्रमुख चिकित्साधिकारी से जांच कराई जाएगी फिर दोषी के विरुद्ध कठोर कारवाई की जायेगी।

Oneindia की ब्रेकिंग न्यूज़ पाने के लिए
पाएं न्यूज़ अपडेट्स पूरे दिन.

सबसे पहले और ताज़ा खबरों के लिए सब्सक्राइब कीजिये वनइंडिया हिंदी यूट्यूब चैनल