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भारत में तैयार हो रही हैं कोरोना वायरस की दो वैक्सीन, जानिए इनसे जुड़ी हर बात

नई दिल्ली: भारत में कोरोना वायरस के मामले तेजी से बढ़ते जा रहे हैं। सरकार ने लॉकडाउन में छूट तो दे दी है, लेकिन अभी भी लोग डर के साए में जीने को मजबूर हैं। तब तक ऐसा ही हाल रहने की उम्मीद है, जब तक कोरोना की वैक्सीन बाजार में नहीं आ जाती है। इस बीच भारत की दो कंपनियों ने राहत भरी खबर दी है। दोनों कंपनियों ने कोरोना वायरस की वैक्सीन तैयार कर ली है, जिसके ह्यूमन ट्रायल के लिए ड्रग्स कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (DCGI) ने इजाजत दे दी है।

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किस भारतीय कंपनी ने बनाई पहली वैक्सीन?

किस भारतीय कंपनी ने बनाई पहली वैक्सीन?

कोरोना की पहली वैक्सीन को भारत बायोटेक ने विकसित किया है। हैदराबाद आधारित इस कंपनी की शुरूआत डॉ. कृष्णा इल्ला ने की थी। इस वैक्सीन को बनाने में ICMR और NIV ने सहयोग दिया है। भारत बायोटेक के चेयरपर्सन और मैनेजिंग डायरेक्टर डॉ. कृष्णा इल्ला के मुताबिक Sars-CoV-2 के स्ट्रेन को ICMR और NIV ने अलग किया था। उसके बाद उन्होंने मई में भारत बायोटेक को इसे सौंप दिया। वैज्ञानिकों ने इसी के आधार पर वैक्सीन तैयार कर ली। वैक्सीन बनाने में इस कंपनी को महरत हासिल है। भारत बायोटेक ने अभी तक 160 से ज्यादा पेटेंट करवाए हैं। ऐसे में इस कंपनी से ज्यादा उम्मीदें जुड़ी हैं।

कहां होगा ट्रायल?

कहां होगा ट्रायल?

वैक्सीन के मामले में भारत बायोटेक को अच्छा अनुभव है। इससे पहले कंपनी ने रेबीज, चिकनगुनिया, पोलियो जैसी कई वैक्सीन पर काम किया है। अब कंपनी 7 जुलाई से सबसे अहम कोरोना वायरस की वैक्सीन का ट्रायल करने जा रही है। इसमें ICMR भारत बायोटेक का पूरा साथ दे रहा है। ICMR ने ही 12 संस्थानों का चयन किया है, जहां पर ट्रायल होगा। ये संस्थान विशाखापत्तनम, रोहतक, पटना, दिल्ली, कर्नाटक के बेलगाम, गोरखपुर, नागपुर, हैदराबाद, आर्य नगर, कानपुर और तमिलनाडु के कट्टानकुलतुर में स्थित हैं।

कब तक आएगी वैक्सीन?

कब तक आएगी वैक्सीन?

भारत बायोटेक के एमडी डॉ. कृष्णा इल्ला के मुताबिक किसी भी बीमारी की वैक्सीन को बनाने में 2 साल से 18 साल तक का वक्त लग जाता है। कोरोना के कहर को देखते हुए वैज्ञानिकों ने तेजी से काम किया है। ट्रायल सफल होने के बाद इसका उत्पादन शुरू दिया जाएगा। वहीं दूसरी ओर ICMR ने संस्थानों को एक पत्र लिखा है, जिसके मुताबिक सभी से 7 जुलाई से हर हाल में ट्रायल शुरू करने को कहा गया है, ताकी 15 अगस्त तक वैक्सीन को लांच किया जा सके।

यह भी पढ़ें: कोरोना से बचने के लिए 3 लाख का सोने का मास्क पहनते हैं शंकर कुराडे

जाइडस कैडिला ने भी बनाई वैक्सीन

जाइडस कैडिला ने भी बनाई वैक्सीन

भारत बायोटेक के बाद जाइडस कैडिला ने भी वैक्सीन बनाने में सफलता हासिल कर ली है। हैदराबाद आधरित ये दूसरी भारतीय कंपनी है, जिसे ड्रग्स कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया ने ट्रायल की अनुमति दी है। जाइडस के मुताबिक उन्होंने खरगोश, चूहों समेत कई जानवरों पर इसका ट्रायल किया था। जिसके नतीजे काफी अच्छे थे। इस दौरान तेजी से उनके शरीर में एंटीबॉडी बनी। DCGI से इजाजत मिलने के बाद वो अगले हफ्ते से ट्रायल शुरू कर रहे हैं। जिसके तहत फेज-1 और 2 में 1000 लोगों पर ट्रायल होगा। इसके बाद फेज-3 का ट्रायल किया जाएगा। अगर ये ट्रायल सफल रहे तो 2021 की शुरूआत में देश को दूसरी वैक्सीन भी मिल जाएगी।

English summary
two indian company developed coronavirus vaccine- All You Need To Know
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