Premanand Maharaj: महिलाएं तीर्थ पर हों और पीरियड्स आ जाएं तो क्या करें? प्रेमानंद महाराज ने दिया समाधान
Premanand Govind Sharan Maharaj ji Ke Vachan: तीर्थ यात्रा के दौरान अगर किसी महिला को पीरियड्स (Periods) आ जाएं तो क्या करें? ऐसी स्थिति में उन्हें भगवान के दर्शन करने चहिए या नहीं करें? ये सवाल बहुत सी महिलाओं के मन में उठता होगा। इसी पर प्रेमानंद महाराज ने जवाब दिया है।
वृंदावन (Vrindavan) के एक प्रसिद्ध संत प्रेमानंद महाराज ने पीरियड्स को अपराध नहीं बल्कि एक पवित्र जिम्मेदारी बताया है। उन्होंने कहा कि, ऐसी स्थिति में महिलाओं को दर्शन से वंचित नहीं किया जाना चाहिए।

महिलाएं तीर्थ पर हों और पीरियड्स आ जाएं तो क्या करें?
एक लेडिज ने महाराज से सवाल पूछा कि बहुत सारी महिलाएं हमारे पास आती हैं और उन सबके पास एक ही प्रश्न होता है कि हम इतने मुश्किल से यहां (तीर्थ) तक पहुंचते हैं। अब पीरियड्स हो जाए तो उस अवस्था में क्या करें? दर्शन करें या नहीं करें?
मासिक धर्म कोई निंदनीय बात नहीं है
इस सवाल के जवाब में प्रेमानंद महाराज ने कहा कि, मासिक धर्म कोई ऐसा नहीं है कि बहुत निंदनीय बात हो। ये बहुत वंदनीय बात है। माताओं ने देवराज इंद्र की ब्रह्म हत्या को अपने ऊपर लिया है। ये अपराध नहीं है। इसका रहस्य समझिए। जो माताओं को मासिक धर्म होता है उसका कारण देवराज इंद्र त्रिभुवन ((स्वर्ग, पृथ्वी और पाताल)) पति हैं। इंद्र के ऊपर ही ब्रह्म हत्या लगी थी।
देवराज इंद्र के ऊपर वृत्रासुर नामक ब्राह्मण को मारने पर ब्रह्महत्या लगी थी। उस ब्रह्मा हत्या को ब्रह्म ऋषियों ने विभाजित किया। इस दोष को चार भागों में बांटने का फैसला किया, जिसमें से एक भाग जल, दूसरा भाग वृक्ष, तीसरा भाग भूमि और चौथा भाग स्त्री को दिया गया।
- नदी: जल में जो फेन (झाग) दिखाई देता है।
- वृक्ष: वृक्षों से निकलने वाला गोंद ब्रह्म हत्या का अंश माना जाता है।
- भूमि: भूमि पर जो गड्ढे होते हैं, उन्हें ब्रह्म हत्या का अंश माना जाता है।
- स्त्री: स्त्रियों में जो पीरियड्स होते हैं, उसे ब्रह्म हत्या का अंश माना जाता है।
प्रेमानंद महाराज ने कहा कि ये महिलाओं की वंदना है। इन्होंने इंद्र ही ब्रह्म हत्या को अपने ऊपर लिया। इन्होंने कोई अपराध नहीं किया है। अब इसके लिए उस लाभ (तीर्थ) से वंचित कर दिया जाए। तो ऐसा नहीं हो सकता है।
प्रेमानंद महाराज ने दिया समाधान
संत ने बताया कि, स्नान आदि करके पवित्र होकर दर्शन कर लें। आप कुछ भेंट नहीं कर सकती हैं और कुछ छू भी नहीं सकती हैं लेकिन दूर से दर्शन करके अपने जीवन सफल तो कर सकती हैं। क्योंकि इतनी मेहनत करके किसी भी धाम में जाना। सबके पास इतना पैसा नहीं होता कोई-कोई जैसे तैसे इंतजाम करके पहुंचता है। कोई इतने कामों में फंसा है वो जैसे तैसे समय निकालकर जाता है वो सिर्फ इसलिए तो वंचित नहीं रह सकता।
कई बड़ी हस्तियां पहुंच चुकी हैं प्रेमानंद महाराज की शरण में
प्रेमानंद महाराज भारत के प्रसिद्ध संतों में गिने जाते हैं, जो अपनी सहज वाणी, आध्यात्मिक ज्ञान और शांति से भरी जीवनशैली के लिए प्रसिद्ध हैं। वे विशेष रूप से राधा-कृष्ण भक्ति परंपरा से जुड़े हैं और उनका सत्संग सुनने के लिए देशभर से श्रद्धालु पहुंचते हैं। उनकी भाषा सरल, भावपूर्ण और हृदयस्पर्शी होती है, जिसे हर धर्म और जाति का व्यक्ति आत्मसात कर पाता है। यही वजह है कि न सिर्फ हिंदू, बल्कि दूसरे धर्मों के लोग भी उनकी वाणी से प्रेरणा लेते हैं और उनके प्रवचनों में शामिल होते हैं।
प्रेमानंद महाराज से कैसे मिलें?
प्रेमानंद गोविंद शरण महाराज वृंदावन में श्री हित राधा केली कुंज आश्रम में रहते हैं। यह आश्रम वृंदावन में परिक्रमा मार्ग पर भक्ति वेदांत हॉस्पिटल के सामने स्थित है। प्रेमानंद महाराज के दर्शन के लिए भक्त आश्रम में रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं और अगले दिन सत्संग, कीर्तन या एकांतिक वार्तालाप के लिए टोकन प्राप्त कर सकते हैं।












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