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UPSC Astha Jain: GEN कैटेगरी से EWS में कैसे पहुंची आस्था जैन, IPS से IAS बनीं तो विवाद! यूजर बोले-ये धोखेबाजी

UPSC Astha Jain Row: संघ लोक सेवा आयोग यानी UPSC के सिविल सेवा परीक्षा 2025 के नतीजे जब मार्च 2026 में जारी हुए तो कई नई कहानियां सामने आईं। इन्हीं में एक नाम सबसे ज्यादा चर्चा में रहा, उत्तर प्रदेश के शामली जिले की रहने वाली आस्था जैन। आस्था जैन ने इस बार ऑल इंडिया रैंक 9 हासिल कर शानदार सफलता पाई हैं और वो IAS बनी हैं। दावा किया जा रहा है कि आस्था जैन ने इस बार यूपीएससी परीक्षा आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग यानी EWS कैटेगरी से दी थी।

लेकिन उनकी सफलता के साथ ही सोशल मीडिया पर एक अलग तरह की बहस भी शुरू हो गई। वजह यह है कि साल 2024 में जब उन्होंने UPSC पास किया था तब वह जनरल कैटेगरी से चयनित हुई थीं और IPS के लिए चुनी गई थीं। अब एक साल बाद EWS कैटेगरी से टॉप रैंक लाने पर कई लोग सवाल उठा रहे हैं। आइए इस पूरे विवाद को सिलसिलेवार तरीके से समझते हैं।

UPSC Astha Jain Row GEN EWS

पिछले दो प्रयासों में भी आस्था जैन पास कर चुकी थीं UPSC

आस्था जैन का UPSC सफर काफी दिलचस्प रहा है। उन्होंने पहली बार सिविल सेवा परीक्षा 2023 में सफलता हासिल की थी। उस समय उन्हें ऑल इंडिया रैंक 131 मिली थी और उनका चयन भारतीय पुलिस सेवा यानी IPS के लिए हुआ था। इस दौरान EWS कैटेगरी था।

इसके बाद उन्होंने फिर परीक्षा दी और 2024 में उनकी रैंक 186 रही (जनरल कैटेगरी से)। तब भी उनका चयन हुआ और वह IPS अधिकारी के तौर पर ट्रेनिंग कर रही थीं।

इसके बावजूद उनका सपना आईएएस बनने का था। इसी लक्ष्य के साथ उन्होंने तीसरी बार परीक्षा दी और इस बार उन्होंने जबरदस्त छलांग लगाते हुए AIR-9 हासिल कर ली। लेकिन इस बार आस्था ने EWS (ECONOMICALLY WEAKER SECTION) कैटेगरी से थीं। विवाद इसी बात को लेकर है।

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सोशल मीडिया पर EWS को लेकर छिड़ी बहस

आस्था जैन की सफलता जितनी चर्चा में है, उतनी ही चर्चा उनके EWS कैटेगरी से परीक्षा देने को लेकर भी हो रही है। दरअसल 2024 में जब उन्होंने UPSC पास किया था तब वह जनरल कैटेगरी से चयनित हुई थीं। लेकिन 2025 की परीक्षा में उन्होंने EWS कैटेगरी से परीक्षा दी और AIR-9 हासिल की।

इसी वजह से सोशल मीडिया पर कुछ लोगों ने सवाल उठाए हैं कि IPS बनने के बाद अचानक EWS कैटेगरी में आना कैसे संभव हुआ। कई यूजर्स ने इसे लेकर तीखी टिप्पणियां भी की हैं और जांच की मांग की है। सोशल मीडिया पर लोग लिख रहे हैं एक साल पहले आस्था जैन GEN कैटेगरी से IPS बनी और ट्रेनिंग कर रही हैं तो अब वो एक साल के अंदर कैसे EWS कैटेगरी में आ गईं। कुछ यूट्यूबर और यूजर ने तो इन्हें धोखेबाजी और धोखेबाद IAS तक कह दिया है।

@amitkilhor नाम के यूजर का कहना है, ''साल की पहली फ्रॉड IAS -आस्था जैन। पिछले साल IPS जनरल कैटेगरी से बनी, फिर IPS बनते ही गरीब आ गई, और EWS हो गई। इस साल गरीबी से रैंक 9।''

कुछ सोशल मीडिया यूजर ने आस्था जैन पर EWS का इस्तेमाल अपनी सुविधानुसार करने का आरोप लगाया है। @Anviyadavsocial यूजर ने लिखा, ''2024 में आस्था जैन 186वीं रैंक लाकर IPS बनी थी। 2025 में आस्था जैन EWS के जरिए 9वीं रैंक लाई है। अब सवाल है IPS बनने के एक साल बाद भी गरीब कैसे?पहले GEN से फॉर्म भरी तो बाद में EWS कैसे? कोई OBC अगर SC से फॉर्म भर दे तो नौकरी कैंसिल फिर UPSC में इतना स्कैम।''

एक अन्य यूजर ने लिखा, ''मिलिए आस्था जैन से।मैडम 2024 में #upsc निकालती है 186th रैंक से..मैडम IPS बन जाती है, ips बनने के बाद मैडम गरीब हो जाती है और EWS बनवा लेती है इस बार मैडम 9वी रैंक से IAS बन जाती है। फ्रॉड है लेकिन कहानी प्रेरणादायक है।''

यूजर @riskyyadav41 ने लिखा, ''EWS आरक्षण देश का सबसे बड़ा घोटाला है आइए कैसे समझाते हैं। देश में जिसका कोई नहीं होता उसका EWS होता है आस्था जैन 2024 में जनरल वर्ग से 186 रैंक पाकर IPS बनीं थी। इस बार EWS लगाकर 9 रैंक लाकर IAS बन गई। वैसे ही आरफा उस्मानी जो UPSC 2023 में जरनल कैटेगरी से 111 वीं रैंक लाकर IPS बनी थीं। पर इस बार EWS लगाकर भी 124 रैंक ला पाई जबकि वो नामी कंपनी में जॉब कर चुकी हैं। दरअसल देश को EWS आरक्षण की जरूरत ही नहीं थी बस बहुजनों की हकमारी के लिए इसको लेकर आया गया है।''

कुछ लोगों का कहना है कि इससे गरीब छात्रों के अवसर प्रभावित हो सकते हैं, जबकि कई अन्य लोग यह भी कह रहे हैं कि अगर किसी ने नियमों के तहत सर्टिफिकेट लिया है तो उस पर सवाल उठाना सही नहीं है।

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अब जानिए कौन हैं आस्था जैन? (who is Astha Jain)

आस्था जैन उत्तर प्रदेश के शामली जिले के कांधला कस्बे की रहने वाली हैं। उनका परिवार सरावज्ञान इलाके में रहता है। उनके पिता अजय कुमार जैन स्थानीय लक्ष्मी नारायण मंदिर के पास कंफेक्शनरी और किराने की दुकान चलाते हैं। उनकी मां ममता जैन गृहिणी हैं। परिवार में तीन बेटियां और एक बेटा है। आस्था दूसरे नंबर की संतान हैं। उनकी बड़ी बहन डॉक्टर हैं जबकि तीसरी बहन MBBS की पढ़ाई कर रही हैं।

आस्था बचपन से ही पढ़ाई में काफी तेज रही हैं। आस्था की शुरुआती पढ़ाई कांधला में हुई। इसके बाद उन्होंने हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की पढ़ाई शामली के स्कॉटिश इंटरनेशनल स्कूल से पूरी की। उन्होंने 2019 में इंटरमीडिएट परीक्षा में 500 में से 496 अंक हासिल किए थे और राष्ट्रीय स्तर पर चौथा स्थान प्राप्त किया था।

इंटर के बाद उन्होंने सिविल सेवा में जाने का फैसला किया। इसके लिए परिवार ने उन्हें दिल्ली भेजा, जहां उन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी से बीए किया और वहीं से UPSC की तैयारी शुरू कर दी।

आस्था जैन फिलहाल हैदराबाद में IPS की ट्रेनिंग कर रही थीं। ट्रेनिंग के दौरान ही उन्होंने सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी जारी रखी। बताया जाता है कि उन्होंने ज्यादातर पढ़ाई सेल्फ-स्टडी के जरिए की।

कुछ समय उन्होंने दिल्ली में कोचिंग भी की थी, लेकिन बाद में ऑनलाइन संसाधनों और खुद के बनाए नोट्स के आधार पर तैयारी जारी रखी। उनकी इस मेहनत का नतीजा यह रहा कि तीसरे प्रयास में उन्होंने टॉप-10 में जगह बना ली और अब उनका आईएएस बनने का सपना लगभग पूरा हो गया है।

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आस्था जैन सफलता के साथ शुरू हुई नई बहस

आस्था जैन की कहानी एक तरफ मेहनत और लगातार प्रयास की मिसाल मानी जा रही है, क्योंकि उन्होंने तीन बार UPSC पास किया और हर बार अपनी रैंक बेहतर की। लेकिन दूसरी तरफ उनके EWS कैटेगरी से परीक्षा देने को लेकर सोशल मीडिया पर बहस भी तेज हो गई है।

अब देखना दिलचस्प होगा कि यह विवाद आगे क्या रूप लेता है। फिलहाल आस्था जैन की सफलता से उनके परिवार, शहर और पूरे इलाके में जश्न का माहौल है और लोग इसे शामली की बेटी की बड़ी उपलब्धि के रूप में देख रहे हैं।

(डिस्क्लेमर: वनइंडिया हिंदी आस्था जैन को लेकर किसी तरह का दावा नहीं कर रहा, सोशल मीडिया पर हो रहे विवाद पर लेख लिखी गई है)

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