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शिक्षक समुदाय कभी नहीं भूलेगा कोविड का दर्द, दिल्ली से यूपी और DU-JMI से AMU तक है सदमा

नई दिल्ली, 11 मई: दिल्ली से उत्तर प्रदेश के दूर-दराज इलाकों तक शिक्षक समुदाय को कोरोना महामारी ने गहरे जख्म दिए हैं। दिल्ली यूनिवर्सिटी हो या फिर जामिया मिलिया इस्लामिया या फिर अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी, टीचिंग और नॉन-टीचिंग स्टाफ की बड़ी जमात कोविड की चपेट में आकर जान गंवा चुकी है। यह संख्या सैकड़ों में है और रुकने का नाम नही ले रही है। कोविड की सबसे दुखदायी मार अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी पर पड़ी है, जहां के कई विभागों के वरिष्ठ टीचरों की जिंदगी खत्म हो चुकी है। सिर्फ कॉलेज और यूनिवर्सिटी टीचर ही नहीं, कोरोना ने स्कूल टीचरों पर कहर बरपाया है।

एएमयू में करीब 50 लोगों की हुई कोरोना से मौत

एएमयू में करीब 50 लोगों की हुई कोरोना से मौत

कोविड से जिन शिक्षण संस्थानों को सबसे गहरा झटका लगा है उनमें उत्तर प्रदेश का चर्चित अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (एएमयू) सबसे आगे है। कोरोना की दूसरी लहर में इस संस्थान से जुड़े करीब 50 लोगों की जान जा चुकी है। इनमें मौजूदा टीचरों से लेकर रिटायर्ड टीचर और इसके स्कूलों के शिक्षकों से लेकर नॉन-टीचिंग स्टाफ तक शामिल हैं। यह जानकारी एएमयू के प्रवक्ता राहत अबरार ने दी है। उन्होंने कहा, 'हमने कई हेड ऑफ डिपार्टमेंट को खो दिया है, जो कि स्टूडेंट की पढ़ाई के लिए बहुत बड़ा नुकसान है। लेकिन, इससे ज्यादा दुख है कि रेसिडेंशियल यूनिवर्सिटी होने के नाते हम आपस में बहुत ही ज्यादा जुड़े हुए रहते हैं और जिससे बहुत बड़े नुकसान का अहसास हो रहा है।'

एएमयू की कई दिग्गज फैकल्टी की गई जान

एएमयू की कई दिग्गज फैकल्टी की गई जान

एएमयू के जिन सीनियर प्रोफेसरों की हाल में कोविड की वजह से जान गई है उनमें लॉ फैकल्टी के डीन मोहम्मद शकील अहमद, साइकोलॉजी डिपार्टमेंट के चेयरमैन साजिद अली खान, मेडिसीन डिपार्टमेंट के चेयरमैन शादाब अहमद खान और संस्कृत विभाग के पूर्व चेयरमैन खालिद बिन यूसुफ शामिल हैं। पिछले हफ्ते अंग्रेजी के युवा टीचर मोहम्मद यूसुफ की मौत से यूनिवर्सिटी के लोग हैरान रह गए थे। वो लंबे वक्त से संस्थान से जुड़े थे, यहीं पढ़ाई की थी और 2014 से यहीं पर पढ़ाना शुरू कर दिया था।

दिल्ली यूनिवर्सिटी के करीब 24 टीचरों की मौत

दिल्ली यूनिवर्सिटी के करीब 24 टीचरों की मौत

दिल्ली की बात करें तो डीयू के करीब 24 टीचर कोविड की दूसरी लहर की वजह से मौत की आगोश में समा चुके हैं। इस बीमारी ने दिल्ली विश्वविद्यालय के पूर्व ज्वाइंट रजिस्ट्रार सुधीर शर्मा और फिजिक्स और ऐस्ट्रोफिजिक्स विभाग के विनय गुप्ता की भी जान ली है, जो कि पहले एग्जामिनेशन के डीन रह चुके थे। डीयू के ही किरोड़ी मल कॉलेज के दो टीचर- केमिस्ट्री के प्रमोद कुमार सिंह और कॉमर्स के अरुणेश चौधरी ने भी कोरोना की वजह से ही जान गंवाई है। अरुणेश तो महज 31 साल के थे। डीयू के टीचर अब इन टीचरों के परिवार वालों के लिए वेलफेयर फंड से मदद जुटाने की कोशिश कर रहे हैं।

जामिया के 4 टीचर समेत 15 लोगों की मौत

जामिया के 4 टीचर समेत 15 लोगों की मौत

वहीं दिल्ली के ही जामिया मिलिया इस्लामिया ने इस लहर में अपने 4 प्रोफेसरों के साथ ही कुल 15 स्टाफ खो दिए हैं। यह जानकारी जामिया के पीआरओ से मिली है। जामिया में जिन टीचरों की कोरोना से मौत हुई है, उनमें वरिष्ठ शिक्षाविद, जैसे कि इतिहासकार रिजवान कैसर और यूनिवर्सिटी के इंटरडिसिप्लिनरी रिसर्च इन बेसिक साइंसेज के पूर्व डायरेक्टर शफीक अंसारी भी शामिल हैं।

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दिल्ली से यूपी तक स्कूल टीचरों पर बेरहम हुआ कोरोना

दिल्ली से यूपी तक स्कूल टीचरों पर बेरहम हुआ कोरोना

कॉलेज और यूनिवर्सिटी के टीचिंग और नॉन-टीचिंग स्टाफ के अलावा दिल्ली और उत्तर प्रदेश में स्कूलों के शिक्षकों और कर्मचारियों की ऐसी बड़ी फेहरिस्त है, जो कोविड के चलते असामयिक मौत के शिकार हुए हैं। अगर यूपी के बाराबंकी जिले के ही बात करें तो वहां के सरकारी स्कूल के टीचर पवन शंकर दीक्षित के पास जिले के ऐसे 31 टीचरों की लिस्ट है, जिनकी मौत 18 अप्रैल के बाद कोरोना से हो गई है। राज्य में पंचायत चुनाव की ड्यूटी ने भी कई शिक्षकों को इस बीमारी का शिकार बना दिया है। यह तो सिर्फ एक जिले की बात है, पूरे यूपी में क्या स्थिति है, इसका सिर्फ अनुमान ही लगाया जा सकता है। उसी तरह दिल्ली में भी नंद नगरी सरकार स्कूल के टीचर अमित मरिची ने कोरोना के चलते दम तोड़ दिया है। उनकी मौत के एक दिन बाद उनके पिता की भी इसी बीमारी से मौत हो गई। मरिची शिक्षा विभाग और शिक्षकों के बीच तालमेल का काम भी करते थे और शिक्षक समुदाय की चिंताओं से सरकार को वाकिफ कराते थे।

English summary
Covid wreaked havoc on Delhi-UP university and college teachers as well as school teachers,many teachers of Delhi University, Aligarh Muslim University and Jamia lost their lives
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