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Navratri 2017:जानिए मां नैना देवी की पौराणिक कथा

By पं. अनुज के शुक्ल
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लखनऊ। एक पौराणिक कथा के अनुसार, देवी सती ने खुद को यज्ञ में जिंदा जला दिया, जिससे भगवान शिव व्यथित हो गए। उन्होंने सती के शव को कंधे पर उठाया और तांडव नृत्य शुरू कर दिया। ऐसा करने स्वर्ग में विद्यमान सभी देवता भयभीत हो गये कि भगवान शिव का यह रूप प्रलय ला सकता है।

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देवताओं ने भगवान विष्णु से यह आग्रह किया कि अपने चक्र से सती के शरीर को 51 टुकड़ों में काट दें। विष्णु जी ने सती के शरीर के 51 टुकड़े कर दिये। शरीर का जो भाग जिस क्षेत्र में गिरा वहॉ पर एक शक्ति पीठ की स्थापना हो गई। इस प्रकार से पूरे भारत वर्ष में 51 शक्ति पीठियॉ स्थापित हो गई।

51 शक्ति पीठियों में से एक शक्ति पीठ

51 शक्ति पीठियों में से एक शक्ति पीठ

उन्हीं 51 शक्ति पीठियों में से एक शक्ति पीठ श्री नैना देवी मंदिर है, जहां पर माता सती की आंखें गिरी थी। नैना देवी हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर जिले में है। यह शिवालिक पर्वत श्रेणी की पहाडि़यों पर स्थित एक भव्य मन्दिर है। नैना देवी का एक मन्दिर नैनीताल में भी स्थित है।

भव्य मेले का आयोजन

भव्य मेले का आयोजन

नैना देवी मंदिर शक्ति पीठ मंदिरों मे से एक है। नैना देवी मंदिर में नवरात्र का त्यौहार उत्सव के रूप में मनाया जाता है। वर्ष में आने वाली दोनो नवरात्र, चौत्र मास और अश्‍िवन मास के नवरात्रि में यहां पर भव्य मेले का आयोजन किया जाता है।

पौराणिक कथा

पौराणिक कथा

एक बार की बात है कि नैना नाम का गुज्जर लड़का अपने मवेशियों को चराने गया तो वहॉ पर देखा कि एक सफेद गाय अपने स्तनों से एक पत्थर पर दूध धार गिरा रही थी। उसने यह दृश्य अगले कई दिनों तक लगातार देखा। फिर एक रात जब वह सो रहा था, उसने देवी माँ को सपने मे यह कहते हुए देखा कि वह पत्थर ही उनकी पिंडी है। नैना गुर्जर ने पूरी स्थिति और अपने सपने के बारे में राजा बीर चंद को बताया। जब राजा ने देखा कि गुर्जर की बात सत्य है तो, राजा ने उसी स्थान पर श्री नयना देवी नाम के मंदिर का निर्माण करवाया।

दूसरी कथा

दूसरी कथा

किंवदंतियों के अनुसार, महिषासुर एक शक्तिशाली राक्षस था जिसे श्री ब्रह्मा द्वारा अमरता का वरदान प्राप्त था, लेकिन उस पर शर्त यह थी कि वह एक अविवाहित महिला द्वारा ही परास्त हो सकता था। इस वरदान के कारण, महिषासुर ने पृथ्वी और देवताओं पर आतंक मचाना शुरू कर दिया। राक्षस के साथ सामना करने के लिए सभी देवताओं ने अपनी शक्तियों को संयुक्त किया और एक देवी को बनाया जो उसे हरा सके।

दोनों आंखें निकाल दीं

दोनों आंखें निकाल दीं

देवी को सभी देवताओं द्वारा अलग अलग प्रकार के हथियारों की भेंट प्राप्त हुई। महिषासुर देवी की असीम सुंदरता से मंत्रमुग्ध हो गया और उसने शादी का प्रस्ताव देवी के समक्ष रखा। देवी ने उसके समझ एक शर्त रखी कि अगर वह उसे हरा देगा तो वह उससे शादी कर लेगी। लड़ाई के दौरान, देवी ने दानव को परास्त किया और उसकी दोनों आंखें निकाल दीं।

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English summary
The Temple of Shri Naina Devi Ji is situated on a hilltop in the Bilaspur Distt. of Himachal Pradesh in India.The temple is connected with National Highway No. 21.
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