• search
क्विक अलर्ट के लिए
नोटिफिकेशन ऑन करें  
For Daily Alerts

सूर्यग्रहण भारत में प्रभावी नहीं लेकिन परेशान हैं गर्भवती महिलाएं, क्यों?

|
    सूर्यग्रहण और गर्भवती महिला से जुड़े अंधविश्वास | Superstitions related to Solar Eclipse and pregnant lady | Boldsky

    नई दिल्ली। आज साल 2017 का दूसरा सूर्यग्रहण है। ये 'पूर्ण सूर्यग्रहण' है जो कि यूरोप, उत्तर पूर्व एशिया, उत्तर- पश्चिम अफ्रीका, उत्तरी अमेरिका , दक्षिण अमेरिका, प्रशांत, अटलांटिक, आर्कटिक की ज्यादातर हिस्सो में दिखाई देगा। आपको बता दें कि जब चन्द्रमा, पृथ्वी और सूर्य के मध्य से होकर गुजरता है तो उसे 'सूर्यग्रहण' कहते हैं।

    'सूर्यग्रहण' Live: जानिए कैसे देखें भारत में?

    हालांकि भारत में ये प्रभावी नहीं है बावजूद इसके सूर्यग्रहण को लेकर गर्भवती महिलाएं थोड़ा परेशान हैं जबकि ग्रहण एक भौगोलिक घटना है।

    आखिर क्यों ग्रहण के नाम पर गर्भवती महिलाएं और उनका परिवार चिंतित रहता है, क्या है इसका कारण.. आईये जानते हैं विस्तार से..

    आंखों और लीवर की परेशानियां

    आंखों और लीवर की परेशानियां

    दरअसल पुराणों की मान्यता के मुताबिक राहु चंद्रमा को और केतु सूर्य को ग्रसता है। ये दोनों ही छाया की संतान हैं। चंद्रमा और सूर्य की छाया के साथ-साथ चलते हैं। चंद्र ग्रहण से इंसान की सोचने की शक्ति कम होती है जबकि सूर्य ग्रहण के समय आंखों और लीवर की परेशानियां होती है इसलिए घर के बड़े-बूढ़े लोग गर्भवती स्त्री को सूर्यग्रहण को नहीं देखने की सलाह देते हैं, क्योंकि उसके दुष्प्रभाव से शिशु विकलांग बन सकता है।

    गर्भपात की संभावना

    गर्भपात की संभावना

    कहा जाता है कि जब अंतरिक्ष में ये घटना होती है तो उसमें काफी ऊर्जा का हनन होता है, ये ऊर्जा पेट में पल रहे बच्चे के लिए नुकसानदायक होती है, जिसकी वजह से गर्भपात की संभावना बढ़ जाती है। इस कारण प्रेग्नेंट वोमेन को सूर्यग्रहण से दूर रहने की सलाह दी जाती है।

    खाना खाने से रोका जाता है

    खाना खाने से रोका जाता है

    कुछ जगह तो गर्भवती स्त्रियों को खाने-पीने से भी रोका जाता है, अगर ग्रहण लंबा हुआ तो स्थिति विकट हो जाती है क्योंकि प्रेग्नेंट महिला को हर दो घंटे में खाना होता है और ग्रहण लंबा हो गया तो महिला के भोजन पर ग्रहण लग जाता है इस वजह से डाक्टर्स इन बातों को बिल्कुल नहीं मानते हैं।

    गोबर और तुलसी का लेप

    गोबर और तुलसी का लेप

    गोबर और तुलसी ठंडक के श्रोत हैं, इसलिए अक्सर घर की बूढ़ी औरतें सूर्यग्रहण के दौरान गर्भवती महिलाओं के पेट पर गोबर और तुलसी का लेप लगा देती हैं जिससे होने वाले बच्चे के शरीर को ठंडक मिले।

    कैंची या चाकू का प्रयोग वर्जित

    कैंची या चाकू का प्रयोग वर्जित

    ग्रहण के दौरान गर्भवती महिला को कुछ भी कैंची या चाकू से काटने को मना किया जाता है और कपड़े सिलने से भी रोका जाता है क्योंकि ऐसी मान्यता है कि ऐसा करने से शिशु के अंग या तो कट जाते हैं या फिर सिल (जुड़) जाते हैं।

    वहम है और कुछ नहीं

    वहम है और कुछ नहीं

    लेकिन वैज्ञानिक और डॉक्टर्स इन बातों से बिल्कुल सरोकार नहीं रखते हैं, उनका कहना है कि ये एक खगोलिय घटना है जिसका असर ब्रह्मांड पर आंशिक रूप से हो सकता है लेकिन व्यक्ति विशेष पर इन बातों का असर नहीं होता है, जो नियम-कानून बताये गये हैं वो लोगों ने अपने हिसाब से बना लिये हैं।

    जीवनसंगी की तलाश है? भारत मैट्रिमोनी पर रजिस्टर करें - निःशुल्क रजिस्ट्रेशन!

    देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
    English summary
    The total solar eclipse or Surya grahan crossing America on August 21, 2017. according to mythology Grahan Kaal is an inauspicious period during which evil forces are active, especially harmful for pregnant woman.
    For Daily Alerts
    तुरंत पाएं न्यूज अपडेट
    Enable
    x
    Notification Settings X
    Time Settings
    Done
    Clear Notification X
    Do you want to clear all the notifications from your inbox?
    Settings X
    X
    We use cookies to ensure that we give you the best experience on our website. This includes cookies from third party social media websites and ad networks. Such third party cookies may track your use on Oneindia sites for better rendering. Our partners use cookies to ensure we show you advertising that is relevant to you. If you continue without changing your settings, we'll assume that you are happy to receive all cookies on Oneindia website. However, you can change your cookie settings at any time. Learn more