Shani Amavasya 2017: सारे पापों को दूर करेंगे शनि देव, इस साल बन रहा है खास संयोग
18 नवंबर को शनि अमावस्या है, वैसे तो हर अमावस्या का अपना महत्व होता है लेकिन इस बार ये अमावस्या एक खास संयोग लेकर आ रही है क्योंकि इस दिन अमावस्या पर शोभन योग बन रहा है। इसके पहले शनि अमावस्या पर शोभन योग वर्ष 1987 में बना था।

नई दिल्ली। 18 नवंबर को शनि अमावस्या है, वैसे तो हर अमावस्या का अपना महत्व होता है लेकिन इस बार ये अमावस्या एक खास संयोग लेकर आ रही है क्योंकि इस दिन अमावस्या पर शोभन योग बन रहा है। इसके पहले शनि अमावस्या पर शोभन योग वर्ष 1987 में बना था। इस दिन पूजा-पाठ करने से आपको शनि की खास कृपा मिलेगी। आम तौर पर शनि देव से लोग डरते हैं लेकिन शनि डराते नहीं बल्कि लोगों का कल्याण भी करते हैं। मोक्ष की प्राप्ति शनि ग्रह से ही होती है। शनि प्रकृति में संतुलन पैदा करता है, और हर प्राणी के साथ उचित न्याय करता है।धर्मग्रंथो के अनुसार सूर्य की पत्नी संज्ञा की छाया के गर्भ से शनि देव का जन्म हुआ, जब शनि देव छाया के गर्भ में थे तब छाया भगवान शंकर की भक्ति में इतनी ध्यान मग्न थी की उसने अपने खाने पीने का होश नहीं थी जिसका प्रभाव उसके पुत्र पर पड़ा और उसका वर्ण श्याम हो गया। शनि के श्यामवर्ण को देखकर सूर्य ने अपनी पत्नी छाया पर आरोप लगाया की शनि मेरा पुत्र नहीं हैं तभी से शनि अपने पिता से शत्रु भाव रखते थे। इसी कारण कहा जाता है कि जिस पर शनि का प्रभाव होता है वो पिता विरोधी होता है।
कैसे करें पूजा
- आज के दिन हो सके तो व्रत रखें।
- शनि प्रतिमा पर सरसों का तेल चढ़ाएं और दीपक लगाएं।
- काले कपड़ों और काले तिल का दान करें।
- ऊँ शंशनैश्चराय नम: का जप करें।
शनि को प्रसन्न करने उपाय
कुत्ते को तेल चुपड़ी हुई रोटी खिलाएं क्योंकि ऐसा माना जाता है कि कुत्ता शनिदेव का वाहन है और जो लोग कुत्ते को खाना खिलाते हैं उनसे अति प्रसन्न होते हैं।
पीपल के वृक्ष को जल दें और परिक्रमा करें।












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