Adhik Maas 2023 : क्या होता है अधिकमास?
Sawan & Adhikmass: सावन का समापन 31 अगस्त को होगा। इस बार शिव की अराधना के लिए लोगों को चार नहीं बल्कि आठ सोमवार मिले हैं, जिसका कारण अधिकमास है। आपको बता दें कि अधिकमास को ही मलमास कहते हैं। गौरतलब है कि अधिकमास 18 जुलाई से शुरू होकर 16 अगस्त तक चलेगा।

अब सवाल ये उठता है कि आखिर ये अधिकमास होता क्या है, तो चलिए इस बारे में विस्तार से जानते हैं।
दरअसल हिंदू कैलेंडर की गिनती अंग्रेजी कैलेंडर से एकदम से अलग होती है। यहां पर तिथियों की गणना सौरमास और चंद्रमास के आधार पर होती है। इस कैलेंडर के मुताबिक हर तीसरे साल अधिकमास आता है और जब ऐसा होता है कि वो साल 12 महीनों के बजाय 13 महीनों का हो जाता है।
तीन साल में पड़ता है अधिकमास
सौरमास में 365 दिन होते हैं और चंद्रमास में 354 दिन होते हैं। दोनों में 11 दिन अंतर होता और ये तीन साल में 33 दिन हो जाते हैं जिसके कारण एक महीना अतिरिक्त हो जाता है और यही अधिकमास कहलाता है।
अब प्रश्न यहां पर ये उठता है कि हम कैसे जानेंगे कि कौन सा मास अधिकमास है?
तो इसका सीधा जवाब है 'सूर्य संक्रान्ति', दरअसल सूर्य जब राशि चेंज करते हैं तो उसे 'सूर्य संक्रान्ति' कहा जाता है। एक सौर वर्ष में 12 'सूर्य संक्रान्ति' होती है और जिस महीने में ये नहीं आती है वो ही महीना अधिकमास या मलमास बन जाता है।
मलमास में नहीं होते मांगलिक काम
वैसे इस महीने में मांगलिक काम जैसे शादी, मुंडन नहीं होते हैं क्योंकि इस वक्त गुरु का प्रभाव कम होता है और मांगलिक कामों के लिए इनका प्रबल होना जरूरी है इसलिए मलमास में शुभ काम नहीं किए जाते हैं। लेकिन ये महीना पूजा-पाठ और ध्यान का होता है इसलिए इस दौरान पूरे तन-मन से ईश्वर की अराधना करनी चाहिए इससे आपको हर तरह के सुख की प्राप्ति होती है।
आपको बता दें कि इस बार के सावन में आपको जुलाई और अगस्त में अलग-अलग चार सोमवार मिलेंगे
- जुलाई में सोमवार की तिथियां- 10, 17, 24 और 31
- अगस्त में सोमवार की तिथियां- 7, 14, 21, 28












Click it and Unblock the Notifications