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Radha Ashtami 2021: राधा अष्टमी आज, जानिए महत्व

By Gajendra Sharma
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नई दिल्ली,14 सितंबर। भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की अष्टमी को भगवान कृष्ण की प्रिय राधा जी का जन्म हुआ था। इसलिए यह दिन राधा अष्टमी के रूप में मनाया जाता है। आज वो दिन है। आज के दिन राधा कृष्ण की संयुक्त रूप से पूजा की जाती है। राधा जी का जन्म उत्तरप्रदेश में मथुरा के पास बरसाना गांव में हुआ था। वहां बड़े पैमाने पर राधा अष्टमी पर उत्सव मनाया जाता है। स्कंद पुराण के विष्णु खंड के अनुसार भगवान श्रीकृष्ण की 16 हजार रानियां थीं लेकिन उन सबसे ज्यादा उन्हें राधा प्रिय थीं।

 राधा का जन्मोत्सव 14 सितंबर को, जानिए खास बातें

राधा अष्टमी का महत्व

राधा अष्टमी का व्रत समस्त सुखों को प्रदान करने वाला कहा गया है। इस दिन स्त्री-पुरुष व्रत रखकर राधा-कृष्ण की पूजा करते हैं। राधा- कृष्ण का आकर्षक श्रंृगार करके 56 भोग लगाया जाता है। मंदिरों में विशेष अनुष्ठान होते हैं। यह व्रत सुख और सौभाग्य की प्राप्ति के लिए किया जाता है। इस व्रत के प्रभाव से दांपत्य जीवन सुखमय होता है और भगवान श्रीकृष्ण राधाजी का विशेष अनुग्रह प्राप्त होता है।

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राधा अष्टमी के बिना जन्माष्टमी व्रत अधूरा

स्कंद पुराण का कथन है किजो लोग कृष्ण जन्माष्टमी का व्रत करते हैं उन्हें राधा अष्टमी का व्रत भी अवश्य करना चाहिए। राधा अष्टमी व्रत के बिना जन्माष्टमी व्रत की पूर्णता नहीं हो सकती। श्रीकृष्ण को भी राधाजी इतनी प्रिय हैं किउनसे पहले राधा जी का नाम लिया जाता है। राधे कृष्ण।

English summary
Here is Radha Ashtami Vrat 2021 importance.
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