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Pitru Paksha 2019: सर्वपितृ अमावस्या पर कीजिए ये काम, दूर होंगे कष्ट

By Pt. Gajendra Sharma
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नई दिल्ली। सर्वपितृ या पितृमोक्ष अमावस्या 28 सितंबर 2019 को है, इस बार सर्वपितृ अमावस्या पर शनैश्चरी अमावस्या का दुर्लभ संयोग बन गया है। दो दशक के बाद पितृमोक्ष अमावस्या पर शनिवार का संयोग आना जीवन की विभिन्न परेशानियों का हल लेकर आया है। इस दिन अनेक प्रकार के उपाय या टोटके किए जाते हैं, जिनसे जीवन में सुख-समृद्धि, धन-संपदा की प्राप्ति की जा सकती है। भगवान शिव को तंत्र शास्त्र का जनक माना जाता है। उनके परम भक्त रावण ने शिव की घोर तपस्या करके उन्हें प्रसन्न किया और तंत्र शास्त्र का ज्ञान प्राप्त किया, जिसे आज रावण संहिता के नाम से जाना जाता है। इस ग्रंथ में जीवन की प्रत्येक परेशानी का हल करने के लिए कुछ विशेष प्रयोग बताए गए हैं।

आइए जानते हें कुछ ऐसे ही उपाय..

धन प्राप्ति के लिए

धन प्राप्ति के लिए

आजकल की सबसे बड़ी जरूरत है धन। ठीक तरह से जीवनयापन करने के लिए पर्याप्त धन होना अत्यंत आवश्यक है। धन की कमी दूर करने के लिए सर्वपितृ और शनैश्चरी अमावस्या के संयोग में एक विशेष उपाय करें। इस दिन पितरों के निमित्त खीर बनाएं। उस खीर में से थोड़ा सा भाग लेकर किसी चांदी के बर्तन में भरकर देवी-देवताओं के सामने रखें। कुछ देर पश्चात चांदी के बर्तन वाली खीर पूरी खीर में मिलाकर 21 कन्याओं और सात बालकों को खिलाएं। सर्वपितृ अमावस्या के दिन यह प्रयोग धन संबंधी सारी परेशानी दूर कर देता है।

यह पढ़ें: सर्वपितृ अमावस्या पर करें यह उपाय, शांत होंगे ग्रह, होगा भाग्योदय

 बीमारियों से मुक्ति के लिए

बीमारियों से मुक्ति के लिए

स्वयं को या परिवार में किसी सदस्य को लंबे समय से कोई रोग हो और वह दूर होने का नाम ही नहीं ले रहा हो। या परिवार में कोई न कोई सदस्य अक्सर बीमार रहता हो और बीमारियों पर लगातार खर्च हो रहा हो तो सर्वपितृ अमावस्या की एक रात्रि पहले यानी चतुर्दशी के दिन रोगी मनुष्य के सिरहाने एक लाल पोटली में सवा सौ ग्राम गेहूं के दानों के साथ एक रुपए का सिक्का और एक कील बांधकर रख दें। प्रातः ब्रह्म मुहूर्त में परिवार का कोई भी व्यक्ति बिना मुंह धोए चुपचाप वह पोटली मरीज के सिरहाने से निकालकर उसे ले जाकर पीपल के वृक्ष की जड़ में गाड़ आए। इस दौरान पोटली ले जाने वाले व्यक्ति को मौन रहना है। साथ ही घर से जाते समय और पीपल के पेड़ के समीप से आते समय पीछे मुड़कर नहीं देखना है। इस टोटके का असर तीन दिन में होने लगता है और रोगी शीघ्र ठीक हो जाता है।

विवाह बाधा दूर करने के लिए

जन्मकुंडली के अनेक दोषों के कारण कई युवक-युवतियों का विवाह नहीं हो पाता है। कई युवाओं की तो सगाई हो जाने के बाद टूट जाती है। ऐसे में वह भारी तनाव में आ जाता है। विवाह में बाधाएं अक्सर पितृदोष के कारण आती है। इन्हें दूर करने के लिए चतुर्दशी की रात्रि में तीन खोपरे के सूखे गोले लेकर उनमें किसी वस्तु से छोटा सा छेद करके उनमें शक्कर भर दें। सर्वपितृ अमावस्या के लिए दिन प्रातः उठकर स्नानादि से निवृत्त होकर किसी ऐसी जगह जाएं जहां चीटियों का घर हो। किसी पेड़ के समीप जैसी जगह देखी जा सकती है। इसमें ध्यान रखना है कि वह जगह सुनसान हो। गांव या शहर से बाहर कोई ऐसी जगह जहां कोई आते-जाते आपको देखे नहीं। जिस युवक या युवती का विवाह नहीं हो पा रहा हो वही अपने हाथ से यह प्रयोग करे। उन तीनों खोपरे के गोले को जमीन में दबाकर चुपचाप आ जाएं। विवाह की बाधा दूर होगी और शीघ्र विवाह की बात बनेगी।

शत्रु पर विजय के लिए

शत्रु पर विजय के लिए

जो व्यक्ति जीवन में सफल होता है या सफल होने की राह पर होता है उससे अनेक लोग ईर्ष्या रखने लगते हैं। वे उसकी सफलता से जलने लगते हैं और उसे रोकने का, असफल करने का प्रयास करने लगते हैं। ऐसे लोगों को दूर करने का सबसे उत्तम उपाय सर्वपितृ अमावस्या के दिन किया जा सकता है। इसके लिए सर्वपितृ अमावस्या के दिन एक नारियल पर सिंदूर से स्वस्तिक बनाकर उसे हनुमान मंदिर में अर्पित करें और शत्रुओं से संबंधित अपनी परेशानियां खत्म करने का आग्रह हनुमानजी से करें।

समस्त कार्य में सफलता के लिए

यदि लाख प्रयत्न करने के बाद भी आपके हाथ से कोई काम सफल नहीं हो पाते हैं तो सर्वपितृ अमावस्या के लिए सवा पाव कच्चा दूध लेकर नीम, पीपल और बरगद की त्रिवेणी में अर्पित करें। दूध अर्पित करने से पहले वृक्षों की सात परिक्रमा कर ओम नमो भगवते वासुदेवाय मंत्र का जाप करें। कार्यबाधा समाप्त होगी। इसके अलावा दूसरा उपाय यह है कि सवा पाव कच्चा दूध लेकर किसी कुएं के समीप जाएं और अपनी परेशानियां दूर करने का आग्रह करते हुए एक एक चम्मच दूध कुएं में डालते जाएं। इससे अनेक परेशानियों का हल होता है।

यह पढ़ें: Pitru Paksha 2019: जानिए पितृपक्ष के पांच सबसे बड़े दान के बारे में...

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English summary
Shradh, called Pitru Paksha, is a 16-day period in September when Hindus remember their ancestors by offering prayers and food. Amavasya Tithi Shradh on September 28. here is its Puja Vidhi.
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