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Chaitra Navratri 2021: तीसरे दिन होती है 'मां चंद्रघंटा' की पूजा

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  • नवरात्रि का तीसरे दिन : चंद्रघंटा
  • रूप: सुंदर, मोहक और अलौकिक
  • भुजाएं: दस
  • वाहन: सिंह
  • पूजा करने से हर समस्या का अंत होता है
नवरात्र विशेष: तीसरे दिन होती है मां चंद्रघंटा की पूजा

नवरात्र के तीसरे दिन मां चंद्रघंटा की पूजा होती है। मां का यह रूप बेहद ही सुंदर, मोहक और अलौकिक है। चंद्र के समान सुंदर मां के इस रूप से दिव्य सुगंधियों और दिव्य ध्वनियों का आभास होता है। मां का यह स्वरूप परम शांतिदायक और कल्याणकारी है। इनके मस्तक में घंटे का आकार का अर्धचंद्र है इसलिए इन्हें चंद्रघंटा देवी कहा जाता है।

    Navratri 2020: आज Shardiya Navratri का तीसरा दिन, करें Maa Chandraghanta की उपासना । वनइंडिया हिंदी

    शरीर का रंग सोने के समान चमकीला

    इनके शरीर का रंग सोने के समान चमकीला है। इनके दस हाथ हैं। इनके दसों हाथों में खड्ग आदि शस्त्र तथा बाण आदि अस्त्र विभूषित हैं। इनका वाहन सिंह है। इनकी पूजा निम्नलिखित मंत्र से शुरू करें।

    या देवी सर्वभू‍तेषु माँ चंद्रघंटा रूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:।।

    इस देवी की आराधना से साधक में वीरता और निर्भयता के साथ ही सौम्यता और विनम्रता का विकास होता है। इसलिए हमें चाहिए कि मन, वचन और कर्म के साथ ही काया को विहित विधि-विधान के अनुसार परिशुद्ध-पवित्र करके चंद्रघंटा के शरणागत होकर उनकी उपासना-आराधना करना चाहिए। इससे सारे कष्टों से मुक्त होकर सहज ही परम पद के अधिकारी बन सकते हैं।

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    English summary
    Day three of Navratri is celebrated keeping in mind Goddess Chandraghanta. She is worshipped for prosperity, peace and tranquility.
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