Skandamata ki Aarti: पढ़ें 'स्कंदमाता' की आरती
नई दिल्ली, 08 अक्टूबर। मां का 5वां रूप 'स्कंदमाता' का है। ये भक्तों के लिए मोक्ष का रास्ता खोलती हैं और उन्हें अंधकार से उजाले में लेकर आती हैं। वो भक्तों की हर इच्छा पूर्ति करती हैं। मां के इस रूप की पूजा करने से भक्त निरोगी रहते हैं और उन्हें कोई भी दुख और परेशानी छू भी नहीं पाती है। मां का रूप सादगी से परिपूर्ण हैं, जो कि भक्तों को संयमित रहना बताती हैं। नवरात्र के दिनों में मां के इस रूप की पूजा और आरती करने से इंसान की हर ख्वाहिश पूरी होती है और उसे सफलता की प्राप्ति होती है।

पढ़ें 'स्कंदमाता' की आरती
नाम तुम्हारा आता
सब के मन की जानन हारी
जग जननी सब की महतारी
तेरी ज्योत जलाता रहूं मैं
हरदम तुम्हें ध्याता रहूं मैं
कई नामों से तुझे पुकारा
मुझे एक है तेरा सहारा
कहीं पहाड़ों पर है डेरा
कई शहरो मैं तेरा बसेरा
हर मंदिर में तेरे नजारे
गुण गाए तेरे भगत प्यारे
भक्ति अपनी मुझे दिला दो
शक्ति मेरी बिगड़ी बना दो
इंद्र आदि देवता मिल सारे
करे पुकार तुम्हारे द्वारे
दुष्ट दैत्य जब चढ़ कर आए
तुम ही खंडा हाथ उठाए
दास को सदा बचाने आई
'चमन' की आस पुराने आई...
ये हैं मां के नौ रूप
- प्रथम दिन: शैलपुत्री
- दूसरी दिन: ब्रह्मचारिणी
- तीसरा दिन: चंद्रघंटा
- चौथा दिन: कुष्मांडा
- 5वां दिन: स्कंदमाता
- 6ठवां दिन: कात्यायनी
- 7वां दिन: कालरात्रि
- 8वां दिन: महागौरी
- 9वां दिन: मां सिद्धिदात्री












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