Mitra Saptami 2022: कब है मित्र सप्तमी? क्या है इसका महत्व?
Mitra Saptami 2022: मार्गशीर्ष मास के शुक्ल पक्ष की सप्तमी के दिन ऋषि कश्यप और अदिति के पुत्र भगवान सूर्यदेव का पूजन किया जाता है। सूर्यदेव का एक नाम मित्र भी है इसलिए यह दिन मित्र सप्तमी के रूप में मनाया जाता है। मित्र सप्तमी 29 नवंबर 2022 को मनाई जाएगी। इस दिन भगवान सूर्यदेव को प्रात:काल अर्घ्य देकर पूजा-पाठ करने से समस्त प्रकार के रोगों से मुक्ति मिलती है और सुख-समृद्धि का वास होता है।

मित्र सप्तमी के दिन पवित्र नदियों में स्नान करके सूर्यदेव को जल का अर्घ्य दें। पूजन करें और आदित्यहृदय स्तोत्र या सूर्यदेव के मंत्र ऊं मित्राय नम: का जाप करें। इस दिन गायत्री मंत्र का माला जाप करने से समस्त रोगों से मुक्ति मिलती है।
क्या उपाय करें
- मित्र सप्तमी के दिन व्रत रखें। इस दिन फलाहार करें। नमक का सेवन बिलकुल न करें।
- मित्र सप्तमी के दिन लाल चंदन की माला या रुद्राक्ष की माला से गायत्री मंत्र का जाप करने से मानसिक सुख-शांति, मानसिक और शारीरिक बल प्राप्त होता है।
- ऊं मित्राय नम: मंत्र की सात माला जाप करने से समस्त रोगों से छुटकारा मिलता है।
- उगते सूर्य को अर्घ्य दें और जल की गिरती धारा के मध्य से सूर्यदेव का दर्शन करने से नेत्र रोग दूर होते हैं।
- मित्र सप्तमी के दिन सूर्यदेव के सात घोड़ों पर विराजमान चित्र या मूर्ति का पूजन करने से चर्म रोग दूर होते हैं।
- जन्मकुंडली में सूर्य की खराब दशा चल रही हो तो, सूर्य नीच राशि में स्थित हों तो 10 किलो गेहूं में सवा किलो गुड़ रखकर किसी गरीब को दान दें।
- इस दिन लाल चंदन का तिलक मस्तक और हृदय पर करने से समस्त मनोकामना पूरी होती है।
- सूर्य की दशा-अंतर्दशा चल रही हो तो माणिक्य स्वर्ण की अंगूठी में धारण करें।












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