• search
क्विक अलर्ट के लिए
अभी सब्सक्राइव करें  
क्विक अलर्ट के लिए
नोटिफिकेशन ऑन करें  
For Daily Alerts

Mahashivratri 2021: महाशिवरात्रि आज, जानिए पूजन का शुभ मुहूर्त

By पं. ज्ञानेंद्र शास्त्री
|

नई दिल्ली। आज महाशिवरात्रि है, वैसे तो हर मास की कृष्णपक्ष चतुर्दशी को मास शिवरात्रि मनाई जाती है लेकिन फाल्गुन कृष्ण चतुर्दशी को पड़ने वाली महाशिवरात्रि का काफी महत्वपूर्ण है, इस दिन लोग पूरे दिन उपवास रखकर भोलेनाथ की उपासना करते हैं। भगवान शिव तो वैसे भी तंत्र के महादेव हैं, जो अपने भक्तों की हर पुकार को सुनते हैं और उनकी हर तरह से रक्षा करते हैं। ऐसा माना जाता है कि महाशिवरात्रि के दिन ही शिवज्योति प्रकट हुई थी और शिव-पार्वती का विवाह हुआ था इसलिए यह दिन बहुत ज्यादा पावन है।

    Mahashivratri 2021: Mahashivratri कब है ? जानें Date और पूजा का Shubh Muhurt । वनइंडिया हिंदी
     ये है व्रत का शुभ मुहूर्त

    ये है व्रत का शुभ मुहूर्त

    • दिन और तिथि: महाशिवरात्रि का पर्व 11 मार्च 2021, कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी की तिथि
    • मुहूर्त: दोपहर 12 बजकर 08 मिनट से 12 बजकर 55 तक रहेगा( अभिजित मुहूर्त)
    • महाशिवरात्रि का पर्व शिव योग में मनाया जाएगा।
    • पहला प्रहर- 11 मार्च, शाम 06 बजकर 27 मिनट से 09 बजकर 29 मिनट तक
    • दूसरा प्रहर- रात 9 बजकर 29 मिनट से 12 बजकर 31 मिनट तक
    • तीसरा प्रहर- रात 12 बजकर 31 मिनट से 03 बजकर 32 मिनट तक
    • चौथा प्रहर- 12 मार्च, सुबह 03 बजकर 32 मिनट से सुबह 06 बजकर 34 मिनट तक
    • पारण का समय: 12 मार्च सुबह 06:36 मिनट
     महाशिवरात्रि व्रत सामग्री

    महाशिवरात्रि व्रत सामग्री

    • गंगा जल,
    • दूध,
    • दही,
    • घी,
    • शहद,
    • चावल,
    • रोली,
    • कलावा,
    • जनेउ की जोड़ी,
    • फूल,
    • अक्षत,
    • बिल्व पत्र,
    • धतूरा,
    • शमी पत्र,
    • आक का पुष्प,
    • दूर्वा,
    • धूप,
    • दीप,
    • चन्दन,
    • नैवेद्य आदि।
     महाशिवरात्रि व्रत की विधि

    महाशिवरात्रि व्रत की विधि

    • स्नान-ध्यान करके मन में भगवान शंकर का नाम लेकर व्रत का संकल्प करें।
    • भगवान शिव का विधिवत पूजन करके भस्म का तिलक लगाएं।
    • इस व्रत में चारों पहर पूजन किया जाता है।
    • प्रत्येक पहर में आरती व ऊॅ नमः शिवाय अथवा शिवाय नमः का जाप करना चाहिए।
    • चारों पहरों में शिव का जाप करने से मनोकामनायें सिद्ध होती है।
    • संभव हो तो शिवरात्रि के दिन रूद्राभिषेक अवश्य करें।
    • शिवलिंग पर जल चढ़ाएं।
    ब्रह्मा से रुद्र के रूप में अवतरण हुआ था

    ब्रह्मा से रुद्र के रूप में अवतरण हुआ था

    माना ये भी जाता है कि सृष्टि के प्रारंभ में महाशिवरात्रि को भगवान शंकर का ब्रह्मा से रुद्र के रूप में अवतरण हुआ था।

    महाशिवरात्रि अथवा कालरात्रि

    प्रलय की बेला में इसी दिन प्रदोष के समय भगवान शिव तांडव करते हुए ब्रह्मांड को तीसरे नेत्र की ज्वाला से समाप्त कर देते हैं, इसीलिए इसे महाशिवरात्रि अथवा कालरात्रि भी कहा जाता है।

    यह पढ़ें: Mahashivratri 2021: पढ़ें महाशिवरात्रि कथा

    देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
    English summary
    Celebrate MahaShivRatri 2021 on 11th March, here is puja vidhi, muhurut and importance.
    For Daily Alerts
    तुरंत पाएं न्यूज अपडेट
    Enable
    x
    Notification Settings X
    Time Settings
    Done
    Clear Notification X
    Do you want to clear all the notifications from your inbox?
    Settings X
    X