Tradition : कठिन प्रथाएं भी आपको देती हैं सेहतमंद जिंदगी
नई दिल्ली। भारत परंपराओं का देश है, सदियों से यहां ऐसी प्रथाएं चली आ रही हैं जिनकी शुरूआत कब, क्यों और कैसे हुई, इस बारे में किसी को खास पता नहीं है लेकिन आप उन परंपराओं को अगर अध्ययन करेंगे तो आपको पता चलेगा कि हमारे पूर्वजों की ओर से बनायी गयी हर परंपरा का संबंध हमारी सेहत से है।अगर हम सच में उन चीजों के बारे में जानेंगे कि हमें ना तो ज्यादा डॉक्टरों के पास जाने की जरूरत पड़ेगी और ना ही दवा खाने की। इसलिए आज हम आपको बताते हैं ऐसी ही कुछ परंपराओं के बारे में जो सिर्फ और सिर्फ हमें खुशी और सेहतमंद जीवन प्रदान करती हैं।

नंगे पैर चलना
नंगे पैर चलने से इंसान का शरीर सीधे तौर पर जमीन के संपर्क में आता है, जो वजन और नर्वस सिस्टम को सही करता है।

केले का पत्ता
साउथ में लोग केले के पत्ते में खाना खाते हैं, केले का पत्ता काफी शुद्द माना जाता है जिसका सीधा असर हमारे दिमाग पर होता है, केले के पत्ते की हरियाली आंखों को सकून और ठंडक खाने के पचने में मदद करती है।

हाथ से खाना
हाथ से खाना खाने से आपके अंदर बाहर के बैक्टिरिया पेट के अंदर नहीं जाते और वहीं दूसरी ओर हाथ और अंगुलियों काफी एक्टिव रहते हैं। आपके हाथ खाना खाते वक्त हर दिशा में मुड़ते हैं जिससे की हाथों की कसरत होती है। आप हाथ से खाना ग्रहण करेंगे तो जाहिर है आप हाथों की देखभाल भी करेंगे और उसे स्वच्छ भी रखेंगे जो कि निरोग रहने के लिए अति-आवश्यक है।

घी खाना
घी खाने दिमाग मजबूत होता है और साथ ही वजन कम होता है, यह भ्रांति है कि घी से वजन बढ़ता है, अगर आप घी खाते हैं तो आपको भूख बार-बार नहीं लगती है और कम खाते हैं जिससे मोटापा बढ़ ही नही सकता।

रंगोली
रंगोली बनाने से महिलाओं के अंदर से स्ट्रेस रिलीज होता है जो कि स्वस्थ जीवन के लिए बहुत जरूरी है। ये इंसान के दिल में खुशी पैदा करती है क्योंकि रंगों का असर तन-मन दोनों पर होता है।












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