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Eco-friendly गणेश उत्सव मनाने के लिए रखिए इन बातों का खास ख्याल

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नई दिल्ली। 2 सितंबर को गणेश चतुर्थी है, बद्धि, ज्ञान और विघ्नविनाशक के रूप में पूजे जाने वाले श्री गणेश जी के स्वागत के लिए इस समय उनके भक्तगण पूरी तरह से तैयार हैं, गणपति बप्पा तो विघ्नहर्ता हैं, वो तो सबकी समस्याओं का अंत करते हैं, इस बार लोग गणेश उत्सव, ईको-फ्रेंडली रूप में मनाने की कोशिश कर रहे हैं क्योंकि ऐसा करके हम अपने पर्यावरण की रक्षा कर सकते हैं क्योंकि आमतौर पर गणेश की मूर्ति के लिए प्लास्टर ऑफ पेरिस का प्रयोग किया जाता है, जो कि विसर्जित होते समय पानी में घुलता नहीं बल्कि पानी में पाए जाने वाले जीवों के लिए जहर का काम करता है।

विसर्जन से पहले कुछ खास बातों का ख्याल

विसर्जन से पहले कुछ खास बातों का ख्याल

यही नहीं गणेश की मूर्ति की सजावट के लिए प्रयोग होने वाली सजावटी सामान भी पानी के लिए सही नहीं है इसलिए विसर्जन के वक्त मूर्ति के साथ प्रयोग हुए सजावटी सामानों को पानी में नहीं बहाना चाहिए, अक्सर मूर्तियों को प्लास्टिक, नारियल, फूल-पत्तों से सजाया जाता है, जो कि पानी में जाकर उसे प्रदूषित करते हैं, ऐसे में पर्यावरण को सुरक्षित करने के लिए बप्पा की मूर्ति से विसर्जन से पहले सारी चीजों को उतार लेना चाहिए।

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कागज या प्राकृतिक फूलों का उपयोग

कागज या प्राकृतिक फूलों का उपयोग

इसलिए गणेश चतुर्थी मनाने के लिए कागज या प्राकृतिक फूलों का उपयोग कर सकते हैं, कागज के फूलों से आप बाद में अपने घर को भी सजा सकते हैं जबकि प्राकृतिक फूलों को आप क्यारी में डाल सकते हैं।

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लकड़ी, पत्‍थर और धातु से बनी मूर्तियों का करें इस्तेमाल

लकड़ी, पत्‍थर और धातु से बनी मूर्तियों का करें इस्तेमाल

लकड़ी, पत्‍थर और धातु से बनी मूर्तियों का भी इस्‍तेमाल कर सकते हैं। इन्‍हें पानी में विसर्जित करने के बजाय अपने घर में ही रखें और हर साल गणेश चतुर्थी के अवसर पर इनकी पूजा करें। आप अपने घर के पीछे बाल्‍टी में पानी भर कर भी विसर्जन की रीति पूर्ण कर सकते हैं और उस पानी को अपने पौधे की क्यारियों में डाल सकते हैं।

स्थापना के मुहूर्त

स्थापना के मुहूर्त

चौघडि़या के अनुसार स्थापना के मुहूर्त

अमृत: प्रातः 6.10 से 7.44 बजे तक

शुभ: प्रातः 9.18 से 10.52 बजे तक

लाभ: दोप. 3.34 से सायं 5.08 बजे तक

अमृत: सायं 5.08 से 6.42 बजे तक

चर: सायं 6.42 से रात्रि 8.08 बजे तक

लग्न के अनुसार स्थापना के मुहूर्त

सिंह लग्न: प्रातः 5.03 से 7.11 बजे तक

कन्या लग्न: प्रातः 7.11 से 9.16 बजे तक

धनु लग्न: दोपहर 1.47 से 3.52 बजे तक

कुंभ लग्न: सायं 5.40 से 7.08 बजे तक

मेष लग्न: रात्रि 8.43 से 10.24 बजे तक

अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12.01 से 12.51 बजे तक

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English summary
here is some tips for eco-friendly Ganesh Chaturthi, its really important,Please have a look.
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