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Navratri 2018: क्या है नवरात्र और दशहरे का आपस में कनेक्शन?

By Pt. Anuj K Shukla
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लखनऊ। सनातन हिन्दू धर्म में हमारे ऋषियों व मनीषियों ने जो भी नियम व विधान निर्मित किये है, वह इसलिए कि जिससे हमारी शारीरिक व मानसिक स्थिति सुदृढ़ रह सकें और हम सभी अपनी जीवन यात्रा का भरपूर आनन्द ले सकें। समाज और धर्म का गहरा सम्बन्ध है, जिस कारण इन विधानों व परम्पराओं को धर्म से सम्बद्ध किया गया है ताकि इन्सान इन्हे मानने के लिए कटिबद्ध रहे।

चलिए जानते है क्या है नवरात्र और दशहरे का आपस में कनेक्शन ?

पौराणिक कथा

पौराणिक कथा

लंका युद्ध के समय भगवान श्री रामचन्द्र ने ब्रहमा जी के पास रावण से युद्ध जीतने की युक्ति पूछने गये। ब्रहा जी ने राम से कहा कि माॅ चण्डी को प्रसन्न करके रावण का वध किया जा सकता है। राम ने माॅ चण्डी का पूजन व हवन करने के लिए दुर्लभ एक सौ आठ नीलकमल की व्यवस्था की। वहीं दूसरी ओर रावण ने भी विजय व अमरता के लिए चण्डी का पाठ आरम्भ किया। यह बात इन्द्रदेव ने पवन देव के माध्यम से श्री राम के पास पहुॅचाई और परामर्श दिया कि चण्डी पाठ यथा सम्भव पूर्ण होने दिया जाए।

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कमलनयन नवकंच लोचन

कमलनयन नवकंच लोचन

इधर रावण की माया से श्री राम की हवन सामग्री से एक नीलकमल गायब हो गया और राम का संकल्प टूटता सा नजर आने लगा। दुर्लभ नीलकमल की तत्काल व्यस्था हो पाना सम्भव नहीं था। तभी श्री राम को स्मरण आया कि मुझे लोग कमलनयन नवकंच लोचन कहते है। तो क्यों न एक सकंल्प हेतू एक नेत्र अर्पित कर दिया जाये। जैसे ही श्री राम ने अपने तीर से अपना नेत्र निकालना चाहा वैसे ही माॅ चण्डी प्रकट हुयी और बोली राम में प्रसन्न होकर तुम्हें विजय श्री का आशीर्वाद देती हूं।

 ब्राह्रणों ने हनुमान जी से वरदान मांगने को कहा

ब्राह्रणों ने हनुमान जी से वरदान मांगने को कहा

वहीं रावण के चण्डी पाठ में यज्ञ कर रहें ब्राह्रणों की सेवा करने के लिए बालक का रूप धारण करके हुनमान जी सेवा करने लगे। निःस्वार्थ सेवा देखकर ब्राह्रणों ने हुनमान जी से वरदान माॅगने को कहा। इस पर हनुमना जी ने विनम्रता से कहा ब्राहम्ण देवता आप जिस मन्त्र से हवन कर रहें है, उसमें का एक अक्षर बदल दें यही मेरा वरदान है।

ब्राहमण इस रहस्य को समझ न सकें

ब्राहमण इस रहस्य को समझ न सकें

ब्राहमण इस रहस्य को समझ न सकें और तथास्तु कह दिया। मन्त्र में जयादेवी भर्तिहरिणी में 'ह' के स्थान पर 'क' का उच्चारण करें। यही मेरी कामना है। भर्तिहरिणी यानि प्राणियों की रक्षा करने वाली और करिणी का अर्थ हुआ प्राणियों को पीड़ित करने वाली जिससे देवी रूष्ट होकर रावण का सर्वनाश करने के लिए प्रतिबद्ध हो गई। हनुमान जी ने अपनी चुतरता से ''ह'' के स्थान पर ''क''का ब्राहम्णों से उच्चारण करवाके रावण का सर्वनाश करवा दिया। सर्वप्रथम श्री रामचन्द्र जी ने शारदीय नवरात्रि की पूजा समुद्र किनारे तट पर प्रारम्भ कर दशवे दिन लंका पर विजय के लिए प्रस्थान करके विजय प्राप्त की थी।

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English summary
This year, the festival of Sharad or Maha Navratri dates are October 10, 2018 to October 19, 2018.Here is unic relation between Navratri and Dussehra.
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