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Haridwar Kumbh Mela 2021: आज तीसरा शाही स्नान, भक्तों ने गंगा में लगाई आस्था की डुबकी, जानें महत्व

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हरिद्वार, 14 अप्रैल। कोरोना महामारी के साए में इस साल महाकुंभ का आयोजन हुआ है, आज कुंभ मेले का तीसरा शाही स्नान है, सुबह से श्रद्धालुगण गंगा में आस्था की डुबकी लगा रहे हैं। प्रशासन ने कड़े सुरक्षा इंतजाम किए हैं। कल रात 12 बजे से सुबह 7 बजे तक भक्तों ने हरकी पैड़ी में स्नान किया है, इसके बाद अब संतगण स्नान कर रहे हैं। मालूम हो कि पहला शाही स्नान महाशिवरात्रि के मौके पर 11 मार्च को हुआ था, दूसरा शाही स्नान सोमवती अमावस्या पर दो दिन पहले हुआ था और चौथा और आखिरी शाही स्नान 27 अप्रैल यानी कि चैत्र पूर्णिमा को होगा।

    haridwar kumbh 2021:सभी 13 अखाड़ों का गंगा में शाही स्नान, श्रद्धालुओं ने हर की पौड़ी पर डुबकी लगाई
    महत्व

    महत्व

    • शाही स्नान करने से इंसानों के सारे पाप मिट जाते हैं और सारी परेशानियों का अंत हो जाता है।
    • कुंभ में स्नान करने से इंसान के जीवन में सुख-शांति और समृद्धि आती है।
    • कुंभ के स्नान को शाही स्नान इसलिए भी कहा जाता है क्योंकि इस दौरान साधुओं का सम्मान एकदम राजसी ढंग में होता है।

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    हरिद्वार, प्रयाग, उज्जैन और नासिक हैं कुंभ नगरी

    हरिद्वार, प्रयाग, उज्जैन और नासिक हैं कुंभ नगरी

    पौराणिक कथाओं के अनुसार जब सागर मंथन के दौरान समुद्र से अमृत निकला तो देवताओं और असुरों में उसके लिए झगड़ा होने लगा लेकिन इसी बीच इंद्र पुत्र जयंत ने धन्वन्तरि के हाथों से अमृत कुंभ छीना और भाग खड़ा हुआ। इससे बौखलाकर दैत्य भी जयंत का पीछा करने के लिये भागे। जयंत 12 वर्षो तक कुंभ के लिये भागता रहा।

    हरिद्वार, प्रयाग, उज्जैन और नासिक

    इस अवधि में उसने 12 स्थानों पर अमृत का कुंभ रखा। जहां-जहां कुंभ रखा वहां-वहां अमृत की कुछ बूंदे छलक कर गिर गई और वे पवित्र स्थान बन गये इसमें से आठ स्थान, देवलोक में और चार स्थान भू-लोक अर्थात भारत में है। यह चार स्थान है हरिद्वार, प्रयाग, उज्जैन और नासिक इसलिए इन्हें कुंभ नगरी कहा जाता है।

    कोरोना नियमों की उड़ी धज्जियां

    कोरोना नियमों की उड़ी धज्जियां

    प्रशासन लगातार लोगों से कोरोना नियमों को मानने की अपील कर रहे हैं लेकिन इसके बावजूद भक्त-संत उनकी बातों को सुनने को तैयार नहीं हैं। जिसकी वजह से यहां संक्रमितों की संख्या बढ़ गई है। दूसरे शाही स्नान के बाद यहां 102 तीर्थयात्री और 20 साधु कोरोना संक्रमित पाए गए हैं।

    कुंभ की तुलना मरकज से नहीं हो सकती : सीएम रावत

    बढ़ते कोरोना मरीजों के कारण अब लोग कुंभ की तुलना मरकज से करने लगे हैं, जिसका विरोध करते हुए उत्तराखंड के मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने मंगलवार को कहा कि हरिद्वार कुंभ मेले की तुलना निजामुद्दीन मरकज से नहीं की जानी चाहिए जो एक बंद जगह में आयोजित किया गया था और यहां तक कि विदेशियों ने भी इसमें भाग लिया था।

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    English summary
    Haridwar Kumbh Mela 2021: Third 'Shahi Snan', Devotees take a holy dip in river Ganga at Har Ki Pauri, Uttarakhand. read importance.
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