Hanuman Jayanti 2020: संकटों से बचाएंगे हनुमान, जन्मोत्सव पर करें ये उपाय
नई दिल्ली। चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि को भगवान श्री हनुमानजी का जन्मोत्सव मनाया जाता है। इस बार यह अवसर 8 अप्रैल 2020, बुधवार को आ रहा है। यह दिन हनुमानजी को प्रसन्न करके उनसे मनचाहा वरदान पाने का सबसे सिद्ध दिन होता है। हनुमानजी सप्त चिरंजीवी में से एक हैं यानी वे इस पृथ्वी पर आज भी मौजूद हैं और कहा जाता है, जहां आज भी रामायण या सुंदरकांड का पाठ होता है, वहां वे किसी न किसी रूप में अवश्य पहुंचते हैं। हनुमानजी को अष्ट सिद्धि, नव निधि का दाता कहा जाता है। यानी उनकी पूजा-आराधना से समस्त सुखों की प्राप्ति की जा सकती है, शत्रुओं का नाश किया जा सकता है। हनुमानजी की आराधना से जीवन के बड़े से बड़े संकट को दूर किया जा सकता है। आइए जानते हैं हनुमान जन्मोत्सव के दिन क्या विशेष उपाय किए जाना चाहिए।

धन की प्राप्ति के लिए
यदि आप आर्थिक रूप से बहुत परेशान चल रहे हैं। धन की कमी लगातार बनी हुई है। आय से अधिक खर्च हो रहा है तो हनुमान जन्मोत्सव के दिन आंकड़े के 27 पत्ते लेकर उन्हें शुद्ध जल से धो लें। इन पत्तों की एक माला तैयार कर लें और प्रत्येक पत्ते पर लाल चंदन से श्रीराम लिखें। अब इस माला को किसी भी हनुमान मंदिर में जाकर हनुमानजी को पहना दें। बेसन के लड्डू का भोग लगा दें और अपनी धन की समस्या दूर करने की प्रार्थना करें। इसके बाद यह प्रयोग आगे आने वाले 5 मंगलवार को भी करें। इससे शीघ्र ही आपकी धन की समस्या दूर हो जाएगी।
शत्रुओं के नाश के लिए
यदि आपके जीवन में शत्रु बहुत हैं। आपको हमेशा हानि पहुंचाने की कोशिश करते रहते हैं। आपके बिजनेस में प्रतिस्पर्धी आपको नुकसान पहुंचाने का प्रयास करते हैं या नौकरी में कोई सहकर्मी ही आपसे जलता है तो हनुमान जन्मोत्सव के दिन हनुमानजी की मूर्ति के दाहिने पैर के अंगूठे से सिंदूर लेकर अपने घर के बाहरी दीवार पर चारों ओर एक-एक त्रिशूल बना दें। इससे पूरे घर की रक्षा होगी। इसी सिंदूर से एक त्रिशूल अपने बिजनेस प्रतिष्ठान पर भी पूजा स्थान पर बना दें। इससे कोई आपको परास्त नहीं कर पाएगा।

सर्वत्र विजय के लिए
यदि आप जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में सफलता पाना चाहते हैं। चाहे वह परिवार हो, समाज हो, बिजनेस हो, नौकरी हो, प्रतियोगी परीक्षा हो या कोई परीक्षा, हनुमान जन्मोत्सव के दिन आप किसी हनुमान मंदिर के शिखर पर लाल त्रिकोण वाला झंडा लगवाएं। जिस तरह यह पताका मंदिर के शिखर पर लहराएगी, उसी तरह आपका भी परचम चारों ओर फहराएगा। इससे आकस्मिक रूप से आने वाले संकट भी दूर हो जाते हैं।
रोग दूर करने के लिए
हनुमान जन्मोत्सव के दिन किसी प्राण प्रतिष्ठित हनुमानजी की मूर्ति पर चमेली के तेल से सिंदूर का चोला चढ़ाएं। लाल वस्त्र की लंगोट अर्पित करें। सुगंधित फूलों की माला अर्पित करें। श्रीफल, गुड़, चना या बेसन के लड्डू का भोग हनुमान जी को लगाएंगे और वहीं बैठकर 7 बार हनुमान बाहुअष्टक का पाठ करेंगे तो स्वयं और जिसके नाम से पाठ करेंगे उसके रोग दूर होंगे।

ये प्रयोग भी करें
- हनुमान जन्मोत्सव के दिन हनुमान चालीसा, बजरंग बाण, सुंदरकांड, हनुमान बाहुअष्टक, राम रक्षास्तोत्र आदि का पाठ करने से सर्वत्र विजय प्राप्त होती है, संकटों का नाश होता है और आपके बल और बुद्धि में वृद्धि होती है।
- देसी घी से बने हलवे का भोग लगाने से हनुमानजी अत्यंत प्रसन्न होते हैं और मनचाहा वरदान प्रदान करते हैं।
- हनुमान जन्मोत्सव के दिन दान का बड़ा महत्व है। इस दिन गाय को हरा चारा खिलाएं, पंछियों के लिए दाना-पानी का इंतजाम करें।
- हनुमान जन्मोत्सव के दिन यदि आप रक्तदान करते हैं तो दुर्घटनाओं से बचाव होता है।
- हनुमान जी की आराधना शनि के दुष्प्रभावों को दूर करती है।












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