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Dev Uthani Ekadashi and Tulsi Vivah 2019: जानिए शालिग्राम संग क्यों होता है तुलसी का विवाह?

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नई दिल्ली। भगवान विष्णु के स्वरुप शालिग्राम और माता तुलसी के मिलन का पर्व तुलसी विवाह हिन्दू पंचांग के अनुसार कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को मनाया जाता है। देवप्रबोधिनी एकादशी के दिन मनाए जानेवाले इस मांगलिक प्रसंग के सुअवसर पर सनातन धर्मावलम्बी घर की साफ़-सफाई करते हैं और रंगोली सजाते हैं। शाम के समय तुलसी चौरा के पास गन्ने का भव्य मंडप बनाकर उसमें साक्षात् नारायण स्वरुप शालिग्राम की मूर्ति रखते हैं और फिर विधि-विधानपूर्वक उनके विवाह को संपन्न कराते हैं।

तुलसी विवाह की तिथि और शुभ मुहूर्त

तुलसी विवाह की तिथि और शुभ मुहूर्त

वैसे तो तुलसी विवाह देवउठनी एकादशी के दिन किया जाता है, लेकिन कई जगहों पर इस विवाह को द्वादशी तिथि को भी करते हैं

  • देवउठनी एकादशी की तिथि: 8 नवंबर 2019
  • एकादशी तिथि आरंभ: 07 नवंबर 2019 की सुबह 09 बजकर 55 मिनट से
  • एकादशी तिथि समाप्त: 08 नवंबर 2019 को दोपहर 12 बजकर 24 मिनट तक
  • द्वादशी तिथि: 9 नवंबर 2019
  • द्वादशी तिथि आरंभ: 08 नवंबर 2019 की दोपहर 12 बजकर 24 मिनट से
  • द्वादशी तिथि समाप्‍त: 09 नवंबर 2019 की दोपहर 02 बजकर 39 मिनट तक।

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पौराणिक कथा

पौराणिक कथा

एक बार सृष्टि के कल्याण के उद्येश्य से भगवान विष्णु ने राजा जालंधर की पत्नी वृंदा के सतीत्व को भंग कर दिया। इस पर सती वृंदा ने उन्हें श्राप दे दिया और भगवान विष्णु पत्थर बन गए, जिस कारणवश प्रभु को शालिग्राम भी कहा जाता है और भक्तगण इस रूप में भी उनकी पूजा करते हैं। इसी श्राप से मुक्ति पाने के लिए भगवान विष्णु को अपने शालिग्राम स्वरुप में तुलसी से विवाह करना पड़ा था और उसी समय से तुलसी विवाह का यह अनूठी रस्म प्रत्येक साल मनाई जाती है।

तुलसी नामाष्टक का जप करें....

तुलसी नामाष्टक का जप करें....

वृन्दा वृन्दावनी विश्वपूजिता विश्वपावनी।

पुष्पसारा नन्दनीच तुलसी कृष्ण जीवनी।।

एतभामांष्टक चैव स्त्रोतं नामर्थं संयुतम।

य: पठेत तां च सम्पूज् सौऽश्रमेघ फलंलमेता।।

पूर्वजन्म के भी सारे पाप मिट जाते हैं ...

तुलसी विवाह के सुअवसर पर व्रत रखने का बड़ा ही महत्व है। आस्थावान भक्तों के अनुसार इस दिन श्रद्धा-भक्ति और विधिपूर्वक व्रत करने से व्रती के इस जन्म के साथ-साथ पूर्वजन्म के भी सारे पाप मिट जाते हैं और उसे पुण्य की प्राप्ति होती है।

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English summary
Dev Uthani Ekadashi and Tulsi Vivah Today. This Hindu festival is celebrated to commemorate the marital union of Lord Vishnu with a Tulsi plant.
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