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Chhath Puja 2018: छठी मईया की भक्ति में लीन बिहार, 36 घंटे का उपवास शुरू

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पटना। इस समय बिहार समेत पूरा उत्तर भारत लोक आस्था के महापर्व छठ के रंग में पूरा रंगा हुआ है। शुक्रवार को खरना होने के बाद 36 घंटे का व्रत शुरू हो गया है। आज नदी-तालाब के किनारे डूबते हुए सूर्य को अर्घ्य दिया गया है इसके बाद 36 घंटे का निर्जला व्रत प्रारंभ हो गया है।

36 घंटे का उपवास शुरू

36 घंटे का उपवास शुरू

पहला अर्घ्य मंगलवार की शाम अर्थात 13 नवंबर को है। इस दिन छठ व्रतियां डूबते सूर्य को अर्घ्य देंगी इसके बाद 14 नवंबर यानी की अगली सुबह उगते हुए सूर्य को अर्घ्य देने के बाद पूजा का समापन होगा।

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पूरे बिहार का माहौल भक्तिमय

पूरे बिहार का माहौल भक्तिमय

आपको बता दें कि इस वक्त पूरे बिहार में छठी मईया के गीत छठ पर्व आते ही पूरे बिहार का माहौल भक्तिमय हो गया है। पटना सहित बिहार के शहरों से लेकर गांवों तक में छठी मइया के गीत गूंज रहे हैं।

सुरक्षा और सफाई की चाक-चौबंध व्यवस्था

सुरक्षा और सफाई की चाक-चौबंध व्यवस्था

इस त्योहार के लिए पूरे बिहार में सुरक्षा और सफाई की चाक-चौबंध इंतजाम किए गए हैं। आपको बता दें कि पटना के गंगा घाटों पर व्रती भगवान भास्कर को अर्ध्य देंगे। । पटना के गंगा तटों की सुरक्षा के लिए हजारों की संख्या में पुलिस जवानों की तैनाती की गई है।

सूर्यदेव की आराधना की जाती है

सूर्यदेव की आराधना की जाती है

गौरतलब है कि छठ पर्व षष्ठी का अपभ्रंश है, यह त्यौहार पूर्वी भारत के बिहार, झारखण्ड, पूर्वी उत्तर प्रदेश और नेपाल के तराई क्षेत्रों में बड़ी धूम-धाम से मनाया जाता है। यह पर्व विशेष कर सन्तान की प्राप्ति के लिए होता है।

सूर्यदेव की पूजा

सूर्यदेव की पूजा

सूर्य षष्ठी व्रत होने के कारण इसे छठ कहा जाता है वैसे तो आम तौर पर सिर्फ उगते सूरज को ही अर्ध्य दिया जाता है किन्तु इस पर्व में डूबते हुये सूर्यदेव की भी आराधना की जाती है।

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English summary
The second day of Chhath is known as Kharna. On this day fasting without water is observed from the sunrise to the sunset. The fast is broken just after sunset after making the food offering the Sun God.
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