Chaitra Navratri 2022: आज है मां 'कालरात्रि' का दिन, जाानिए पूजा का शुभ मुहूर्त, मंत्र और आरती
नई दिल्ली, 08 अप्रैल। नवरात्रि के 7वें दिन होती है मां 'कालरात्रि' की पूजा। मां का यह रूप बेहद विकराल है, इस देवी के तीन नेत्र हैं। यह तीनों ही नेत्र ब्रह्मांड के समान गोल हैं। इनकी सांसों से अग्नि निकलती रहती है। यह गर्दभ की सवारी करती हैं। अपने नाम के अनुरूप ये माता काल से रक्षा करती हैं ये काफी शक्तिशाली और फलदायी माता हैं। मां का रूप थोड़ा भयभीत करता है लेकिन ये मां अपने बच्चों से बहुत प्यार करती हैं और उनकी हर प्रार्थना सुनती हैं।

जाानिए पूजा का शुभ मुहूर्त
- 8 अप्रैल 2022 शुक्रवार का दिन
- चंद्रमा आज मिथुन राशि में है।
- शोभन योग प्रात: 10 बजकर 29 मिनट से प्रारंभ
- आज आद्रा नक्षत्र है
- 8 अप्रैल शुक्रवार को राहुकाल प्रात: 10 बजकर 48 मिनट से दोपहर 12 बजकर 23 मिनट तक रहेगा।
- दुष्टमुहूर्त: 08:35:43 से 09:26:18 तक, 12:48:39 से 13:39:14 तक
- कुलिक: 08:35:43 से 09:26:18 तक
- कंटक: 13:39:14 से 14:29:49 तक
- कालवेला / अर्द्धयाम: 15:20:24 से 16:10:59 तक
- यमघण्ट: 17:01:34 से 17:52:09 तक
- यमगण्ड: 15:33:03 से 17:07:54 तक
- गुलिक काल: 07:38:48 से 09:13:39 तक
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मां का मंत्र
- 'ओम ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चै ऊं कालरात्रि दैव्ये नम:।'
- एकवेणी जपाकर्णपूरा नग्ना खरास्थिता।
- लम्बोष्ठी कर्णिकाकर्णी तैलाभ्यक्तशरीरिणी॥
- वामपादोल्लसल्लोहलताकण्टकभूषणा।
- वर्धनमूर्धध्वजा कृष्णा कालरात्रिर्भयंकरी॥
मां कालरात्रि की आरती
- काल के मुंह से बचाने वाली
- दुष्ट संहारिणी नाम तुम्हारा
- महा चंडी तेरा अवतारा
- पृथ्वी और आकाश पर सारा
- महाकाली है तेरा पसारा
- खंडा खप्पर रखने वाली
- दुष्टों का लहू चखने वाली
- कलकत्ता स्थान तुम्हारा
- सब जगह देखूं तेरा नजारा
- सभी देवता सब नर नारी
- गावे स्तुति सभी तुम्हारी
- रक्तदंता और अन्नपूर्णा
- कृपा करे तो कोई भी दु:ख ना
- ना कोई चिंता रहे ना बीमारी
- ना कोई गम ना संकट भारी
- उस पर कभी कष्ट ना आवे
- महाकाली मां जिसे बचावे
- तू भी 'भक्त' प्रेम से कह
- कालरात्रि मां तेरी जय












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