Ashada amavasya 2021: आज के दिन कीजिए ये काम, खुलेंगे सफलता के मार्ग
नई दिल्ली, 09 जुलाई। आज आषाढ़ की अमावस्या है, आज का दिन पितृकर्म के लिए उत्तम है। कहा जाता है कि आज के पितृगण अपने परिजनों के पास अन्न-जल ग्रहण करने को आते हैं। इसी वजह से आज पवित्र नदियों के तट पर बड़ी संख्या में पितृकर्म संपन्न किए जा रहे हैं हालांकि कोरोना इफेक्ट के कारण इस बार तटों पर भीड़ कम है, जो लोग नदी किनारे नहीं जा सकते हैं, वो घरों में ही पूजा-अर्चना कर रहे हैं। पितृ-कर्मों के कारण ही आषाढ़ अमावस्या को पितृकर्म अमावस्या भी कहा जाता है।

आषाढ़ अमावस्या का मुहूर्त
- आषाढ़ अमावस्या 09 जुलाई को सुबह 05 बजकर 16 मिनट से शुरू हो गई हौ जो कि 10 जुलाई को सुबह 06 बजकर 46 मिनट पर खत्म होगी, इस बीच आप कभी भी पूजा कर सकते हैं।
- व्रत पारण 10 जुलाई की सुबह 06 बजकर 46 मिनट के बाद होगा।
पूजा विधि
- अपने कुल देवता की विधिवत ध्यान करते हुए पूजा करनी चाहिए।
- पीपल या बरगद के पेड़ में जल चढ़ाएं।
- अपने पितृगणों की आत्मा की शांति के प्रार्थना कीजिए और उनसे अपनी गलतियों की क्षमा मांगिए।
- सूर्य को जल अर्पित करना चाहिए।
- ब्राह्मणों को भजन कराना चाहिए।
इन मंत्रों संग कीजिए पूजा
- ॐ कुलदेवतायै नम:- 21 बार
- ॐ कुलदैव्यै नम:- 21 बार
- ॐ नागदेवतायै नम:- 21 बार
- ॐ पितृ देवतायै नम:- 108 बार
- ॐ पितृ गणाय विद्महे जगतधारिणे धीमहि तन्नो पित्रो प्रचोदयात्।-51 बार
कीजिए ये काम
- सूर्यदेव को जल अर्पित करने से सुख और सौभाग्य की प्राप्ति होती है।
- श्री गणेश ऋण मोचक मंगल स्तोत्र का पाठ करने मंगलकाम होते हैं और कर्ज उतरता है।
- गणेशजी को लड्डू चढ़ाने से इंसान के सारे कष्ट दूर हो जाते हैं।
- आज के दिन श्रीयंत्र का विधिवत पूजन करने से सफलता का मार्ग खुलता है।












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