भूमि की उर्वरा शक्ति बढ़ाने के लिए अब किसानों को मिलेगी आर्थिक मदद, हरियाणा सरकार बना रही योजना

चंडीगढ़। भूमि की उर्वरा शक्ति बढ़ाने के लिए सरकार किसानों को प्रोत्साहन राशि देने की तैयारी कर रही है। इसके लिए एक योजना शुरू की जाएगी। खुद मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के उच्च अधिकारियों को इस बारे में विस्तृत योजना तैयार करने के निर्देश दिए हैं। कहा जा रहा है कि, अब किसान परंपरागत फसलों की खेती का मोह त्याग कर फसली विविधीकरण से जमीन की उर्वरा शक्ति को बढ़ा सकते हैं।

सरकार का मानना है कि फसल विविधिकरण और फसल चक्र अपनाकर काफी हद तक जमीनों की उपजाऊ शक्ति को बरकरार रखा जा सकता है, लेकिन इसके बाद भी बहुत से किसान परंपरागत फसलों की खेती से मोह नहीं छोड़ पा रहे हैं। इससे जमीन की उपजाऊ शक्ति लगातार कम हो रही है। लिहाजा भविष्य में यदि कोई किसान जमीन की उर्वरा शक्ति बढ़ाने के लिए अपने खेत को खाली रखता है तो सरकार उसे प्रोत्साहन राशि देगी। मुख्यमंत्री ने प्रगतिशील किसानों, फसल चक्र अपनाने वाले तथा फसल विविधिकरण के जरिये अधिक पैदावार लेने वाले किसानों के साथ ही विशेषज्ञों तथा वैज्ञानिकों से भी बात करने को कहा है, ताकि उनकी एक्सपर्ट राय सामने आ सके।

To increase the fertility of the agricultural land, now farmers will get financial help from government

इस कार्य में बड़े कृषि संस्थानों व कृषि एवं किसान विकास प्राधिकरण का भी सहयोग लिया जाएगा। इस योजना की मुख्यमंत्री ने गत दिवस उपायुक्तों की बैठक में हलकी सी चर्चा की है, लेकिन जल्द ही कोई बड़ी योजना सामने लाने के संकेत भी दिए हैं। हरियाणा सरकार ने पहले से प्रावधान कर रखा है कि किसानों को अपनी फसल के बारे में जानकारी देनी होगी। किसानों को बताना होगा कि कितनी जमीन में उन्होंने फसल बोई है और कितनी जमीन खाली रह गई है।

मेरी फसल-मेरा ब्योरा पोर्टल पर किसानों को हर एकड़ में बोई गई फसल की जानकारी देने के साथ ही यह भी बताना पड़ेगा कि कितनी जमीन ऐसी है जिस पर कोई फसल नहीं बोई गई। हरियाणा सरकार में 92 लाख एकड़ भूमि सत्यापित है, जिसमें से करीब 68 लाख भूमि पर खेती की जा रही है। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने अफसरों को निर्देश दिए हैं कि बाकी 24 लाख एकड़ भूमि का भी पता लगाया जाना चाहिए कि इसका इस्तेमाल किस रूप में हो रहा है।

मुख्यमंत्री का मानना है कि केवल खेती से किसानों की आय बढ़ाना मुश्किल है। इसके लिए बागवानी, फ्लोरीकल्चर, पशुपालन, दुग्ध उत्पादन और मत्स्य पालन जैसे कृषि से जुड़े कार्यों को बढ़ावा देना जरूरी है। पैरी-अर्बन कृषि के लिए शुरू में चार जिलों सोनीपत, झज्जर, गुरुग्राम और फरीदाबाद के लिए योजनाएं तैयार की जानी हैं। गुरुग्राम में तो फूलों की मंडी बनाने की भी योजना है, ताकि वहां स्थानीय जरूरतों के हिसाब से खेती की जा सके।

मुख्यमंत्री ने मेरी फसल मेरा ब्योरा योजना की चर्चा करते हुए कहा कि इस योजना को पूर्ण तब माना जाएगा जब एक एक इंच भूमि की जानकारी पोर्टल पर अपडेट होगी कि किस एकड़ व क्षेत्र में कौन सी फसल की बिजाई की हुई है। सरकार ने पिछले वर्ष धान की बजाय अन्य फसलों की बिजाई करने वाले किसानों को सात हजार रुपए की प्रोत्साहन राशि दी थी। खेत की उर्वरा शक्ति बढाने के लिए यदिे कोई किसान खेत खाली रखता है तो उसे भी प्रोत्साहन राशि प्रदान करने की सरकार की योजना है।

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