सीएसई पारदर्शिता इंडेक्स में टॉप पर रहा ओडिशा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड
भुवनेश्वर, अगस्त 18: सेंटर फॉर साइंस एंड एनवायरमेंट (सीएसई) के पारदर्शिता इंडेक्स में ओडिशा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड पहले स्थान पर है। मंगलवार को जारी सरकारी विज्ञप्ति के अनुसार, देश में 2016 से 2021 तक काम कर रहे सभी 31 राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और प्रदूषण नियंत्रण समितियों के प्रदर्शन को इसमें आंका गया है।

उसमें कहा गया है कि आकलन के अनुसार, ओडिशा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड 67 प्रतिशत अंकों के साथ पहले स्थान पर है। दूसरे स्थान पर तेलंगाना और फिर तमिलनाडु, मध्य प्रदेश और पश्चिम बंगाल हैं। मूल्यांकन निरंतर उत्सर्जन निगरानी, स्थापित करने और संचालित करने के लिए सहमति, पर्यावरण मंजूरी के लिए सार्वजनिक सुनवाई, कारण बताओ नोटिस, निर्देश और सार्वजनिक डोमेन पर लगभग 17 श्रेणियों के उद्योगों को बंद करने के नोटिस पर केंद्रित है।
राज्य प्रदूषण बोर्ड के सदस्य सचिव के. मुरुगेसन ने कहा कि गैर-लाभकारी, जनहित में अनुसंधान और उसकी वकालत करने वाले संस्थान सीएसई ने 18 मानदंडों के आधार पर यह विश्लेषण किया है। बयान के अनुसार, मुख्य सचिव सुरेश महापात्रा ने इस उपलब्धि पर बोर्ड को बधाई दी। बयान के अनुसार, मुख्य सचिव सुरेश महापात्र ने इस उपलब्धि के लिए बोर्ड की सराहना की और पर्यावरण प्रबंधन में विभिन्न हितधारकों को शामिल करने की सलाह दी।
इसमें कहा गया है कि हितधारकों की भागीदारी पर्यावरण शासन के लिए नियामक अनुपालन के प्रवर्तन में बोर्ड के लिए सहायक होगी। विज्ञप्ति के अनुसार, ओडिशा एसपीसीबी में प्रक्रियात्मक री-इंजीनियरिंग और प्रशासनिक सुधार 2015 में महापात्र के नेतृत्व में प्रमुख सचिव और बाद में वन और पर्यावरण विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव के रूप में उनके कार्यकाल के दौरान शुरू हुआ था।












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