NCR में शामिल हरियाणा के 5 जिलों में बनेंगे नेचुरल कंजर्वेशन जोन, जानिए क्या-क्या काम होंगे
करनाल। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में शामिल हरियाणा के जींद, भिवानी, दादरी, महेंद्रगढ़ व करनाल जिले में अब नेचुरल कंजर्वेशन जोन (एनसीजेड) बनाए जाएंगे। एनसीआर के विस्तार हरियाणा सब-रीजनल प्लान 2041 के लिए इन जिलों से एनसीजेड की ग्राउंड रिपोर्ट मांगी गई है। इस संदर्भ में चीफ काे-ऑर्डिनेटर प्लानर (एनसीआर) हरियाणा की ओर से उपरोक्त जिलों के जिला नगर योजनाकारों को अपने अपने क्षेत्र के प्राकृतिक संरक्षण जोन की ग्राउंड रिपोर्ट जल्द भेजने को कहा गया है।
जिला नगर योजनाकार अरविंद ढुल के मुताबिक, जींद में मुख्य रूप से बड़ा बीड़ वन ही इस जोन में आता है, जो करीब 1102 एकड़ में फैला हुआ है। जिले से वनक्षेत्र की पूरी डिटेल जल्द भी चीफ काे-ऑर्डिनेटर प्लानर एनसीआर हरियाणा को प्रेषित की जाएगी। प्राकृतिक धरोहर बचाने के उद्देश्य से एनसीजेड चिह्नित होने के बाद यहां पर कंस्ट्रक्शन वर्क पर रोक लगाई जाएगी। इसको लेकर डीसी की अध्यक्षता में कमेटी मेंबरों की मीटिंग आयोजित कर अपने अपने जिले के प्राकृतिक संरक्षण जोन के बारे में 15 दिन के अंदर डिटेल भेजने को कहा गया है।

एनसीआर में शामिल हैं हरियाणा के 13 जिले
राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में हरियाणा के 13 जिले हैं, जिनमें झज्जर, पलवल, महेंद्रगढ़, मेवात, रेवाड़ी, सोनीपत, गुरुग्राम, फरीदाबाद, रोहतक, पानीपत, जींद, करनाल व भिवानी शामिल किए गए हैं।
5 बिंदुओं पर फोकस..
एनसीआर के रीजनल प्लान 2021 एडी के तहत हरियाणा की मुख्य प्राकृतिक विशेषताएं, पर्यावरण संवेदनशील एरिया की पहचान की जाएगी। निम्नलिखित इन पांच बिंदुओं पर ग्राउंड रिपोर्ट मांगी है।
1. राजस्थान की अरावली श्रृंखला और उसका हरियाणा का क्षेत्र।
2. फॉरेस्ट एरिया एवं अभयारण्य क्षेत्र।
3. यमुना, गंगा, काली हिंदोन, साहिबी नदियां व इनकी सहायक नदियां।
4. मुख्य झील और जलस्रोत जैसे बड़खल झील, सुरजकुंड, दमदमा व सिलीसेढ़ झील आदि।
5. भूजल पुनर्भरण क्षेत्र, गाेखुर झील व पालियो चैनल्स।












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