जानिए क्या है हैप्पीनेस पाठ्यक्रम, जो पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर यूपी के 15 जिलों में चलेगा
जानिए क्या है हैप्पीनेस पाठ्यक्रम, जो पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर यूपी के 15 जिलों में चलेगा
लखनऊ, 24 अगस्त: हैप्पीनेस पाठ्यक्रम गोरखपुर समेत उत्तर प्रदेश के 15 जिलों में दिल्ली की तर्ज पर चलेगा। इस पाठ्यक्रम को पायलट प्रोजेक्ट को तौरे पर यूपी के चयनित जिलों में फिलहाल लागू किया जाएगा। अगर इस प्रोजेक्ट को सफलता मिलती है तो पूरे प्रदेश में इसे लागू कर दिया जाएगा। राज्य शैक्षिक अनुंसधान एवं प्रशिक्षण परिषद ने शिक्षकों के साथ बैठक कर हैप्पीनेस पाठ्यक्रम की तैयारी पर कार्य शुरू कर दिया है।

क्या है हैप्पीनेस पाठ्यक्रम
हैप्पीनेस पाठ्यक्रम खुश रहने का पाठ्यक्रम है। इसमें खुशी पूर्वक जीने के लिए क्या-क्या समझना पड़ता है। वह सभी मुद्दे इस पाठ्यक्रम में शामिल किए गए हैं। यह पाठ्यक्रम पांच मूल्यों के इर्द-गिर्द घूमता है। इन मूल्यों में विश्ववास, सम्मान, कृतज्ञता, ममता व स्नेह शामिल है। इस पाठ्यक्रम के तहत जितने भी सत्र होंगे वह इन्हीं में किसी न किसी एक या उससे अधिक मूल्यों को उभारा जाएगा।
तीन भागों में बांटा गया है यह पाठ्यक्रम
पाठ्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बच्चों में विवेक विकसित करना, उनके दिलो-दिमाग को वर्तमान पर केंद्रित करना, सकारात्मक बनाना और उनमें कृतज्ञता का भाव विकसित करना है। इसके लिए इस पूरे पाठ्यक्रम को मुख्य रूप से तीन भागों में बांटा गया है। इसमें माइंडफुलनेस, कहानी और गतिविधियां शामिल हैं।
हैप्पीनेस पाठ्यक्रम आया था चर्चाओं में
दरअसल, हैप्पीनेस पाठ्यक्रम विशेष रूप से उस वक्त चर्चाओं में आया, जब पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की पत्नी मेलानिया ट्रंप ने दिल्ली के एक सरकारी स्कूल का दौरा कर हैप्पीनेस क्लास की जानकारी ली। उस दौरान इस पाठ्यक्रम के बारे में विस्तृत प्रेजेंटेशन गोरखपुर के शिक्षक श्रवण शुक्ल की टीम ने ही दिया था।
पहले प्रदेश के इन जिलों में होगा लागू
गोरखपुर-बस्ती मंडल के देवरिया, गोरखपुर, सिद्धार्थनगर के साथ ही यह पाठ्यक्रम लखनऊ, वाराणसी, मुरादाबाद, प्रयागराज, अमेठी, अयोध्या, मेरठ, गाजियाबाद, आगरा, मथुरा, झांसी व चित्रकूट में लागू होगा।
क्या कहा विशेषज्ञ श्रवण कुमार ने
इस पाठ्यक्रम को लागू करने के लिए चयनित 15 जनपदों में त्रिस्तरीय जनपद, ब्लाक व संकुल स्तरीय टीमों का गठन किया जाएगा। जनपदीय स्तरीय टीम ब्लाक स्तरीय टीम की तथा ब्लाक की टीम संकुल स्तरीय टीम का क्षमता संवर्धन व देखरेख करेगी। जल्द ही गूगल मीट के जरिए पूरे प्रदेश के चयनित 68 शिक्षकों की मौजूदगी में पाठ्यक्रम, विकास व संचालन की कार्ययोजना को अंतिम रूप दिया जाएगा। इस पाठ्यक्रम की खासियत होगी कि यह उप्र राज्य के अनुकूल तैयार होगा।












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