हरियाणा सरकार का बड़ा फैसला, डॉक्टरों-मेडिकल स्टाफ के लिए रेस्ट हाउस में रहना-खाना मुफ्त

चंडीगढ़। कोरोना महामारी के दौर में मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर की अगुवाई वाली सरकार ने डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ के हित में बड़ा फैसला लिया। सरकार ने हरियाणा में डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ के लिए रेस्ट हाउस में रहना-खाना मुफ्त कर दिया है। सरकार की ओर से ऐलान किया गया कि, लोगों की सेवा में लगे ये कर्मचारी घर ना जाकर अब पीडब्ल्यूडी के रेस्ट हाउस में मुफ्त में रह सकेंगे।

Haryana governments big decision for doctors and medical staff, they will stay in rest house, eat free food also

हरियाणा के जनसंपर्क एवं सूचना विभाग ने जानकारी दी कि, प्रदेशभर में लोक निर्माण विभाग के सभी विश्राम गृहों में डॉक्टरों, पैरामेडिकल व आवश्यक सेवाओं से जुड़े स्टाफ का रहना व खाना मुफ्त कर दिया गया है। इस संबंध में प्रदेश के उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला, जिनके पास लोक निर्माण विभाग का प्रभार भी है, ने विभाग के संबंधित अधिकारियों को आदेश जारी किए। आदेश जारी करते हुए चौटाला ने बताया कि सरकार ने यह फैसला महामारी में अपना कर्तव्य निभा रहे डॉक्टरों व मेडिकल स्टाफ की सुविधाओं को देखते हुए लिया है। उन्होंने कहा कि इससे कोरोना की संकट की घड़ी में प्रदेश के नागिरकों की सेवा में लगे यह कर्मचारी घर ना जाकर अब पीडब्ल्यूडी के रेस्ट हाउस में मुफ्त में रह सकेंगे।

Haryana governments big decision for doctors and medical staff, they will stay in rest house, eat free food also

संक्रमण फैलने का खतरा कम होगा
सरकार के फैसले के बारे में दुष्यंत चौटाला ने कहा कि उक्त कर्मचारियों के पीडब्ल्यूडी के रेस्ट हाउस में रहने से उनमें वायरस का संक्रमण फैलने का भय भी कम होगा और उन्हें रहने के लिए उचित सुविधा भी मिलेगी। उन्होंने कहा कि सरकार डॉक्टरों, पैरामेडिकल व आवश्यक सेवाओं संबंधित स्टाफ के लिए विश्राम गृहों में मुफ्त में भोजन उपलब्ध करवाने की व्यवस्था करेगी ताकि उन्हें किसी प्रकार की कोई परेशानी न हो। संबंधित अधिकारियों को निर्देश भी जारी कर दिए।

चौटाला ने यह भी बताया कि पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस जिला उपायुक्त और सीएमओ के अधीन रहेंगे और इस बारे में सरकार ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश भी जारी कर दिए हैं। दुष्यंत चौटाला ने बताया कि जारी आदेश अनुसार पीडब्ल्यूडी विभाग के सभी सुपरिटेंडेंट इंजीनियर, एक्जीक्यूटिव इंजीनियर को निर्देश दिए गए हैं कि वे इस संबंध में नोडल अधिकारी, जिला उपायुक्त से सम्पर्क कर प्रदेश के डॉक्टरों, पैरामेडिकल व आवश्यक सेवाओं संबंधित स्टाफ के लिए विभाग के विश्राम गृहों में रहने व खाने की उचित व्यवस्था बनाएं।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+