हरियाणा: बुजुर्गों को वैक्सीन लगवाने के लिए एंबुलेंस और मिनी बसें ले जाएंगी सेंटरों पर, तैयार रहें
पंचकूला। हरियाणा में कोविड-वैक्सीनेशन के लिए सरकार की सराहनीय पहल शुरू हुई है। यहां कल से एंबुलेंस और मिनी बसें बुजुर्गों को वैक्सीनेशन सेंटर यानी कि टीका केंद्र ले जाएंगी। वैक्सीन लगने के बाद उनको घर भी छोड़ा जाएगा।

सरकार ने दावा किया है कि अब राज्य में कोरोना के इलाज में इस्तेमाल होने वाले इंजेक्शनों के साथ-साथ ब्लैक फंगस के इलाज में प्रयोग होने वाले इंजेक्शनों की भी कमी नहीं है। प्रदेश सरकार के पास ब्लैक फंगस के करीब 1200 इंजेक्शन स्टाक में उपलब्ध हैं। दो हजार इंजेक्शन अगले दो दिन में सरकार को उपलब्ध हो जाएंगे। पांच हजार इंजेक्शन का आर्डर अलग से दे दिया गया है, जिनकी जल्द सप्लाई की उम्मीद है। प्रदेश सरकार ने अधिक आयु के ग्रामीणों को एंबुलेंस व मिनी बसों में टीकाकरण केंद्र तक लाकर टीका कराने की कार्य योजना तैयार की है, जो एक जून से आरंभ हो जाएगी।
हरियाणा में ब्लैक फंग से 58 मरीज ठीक हो चुके हैं और 50 की मृत्यु हो गई। करीब 650 लोग मेडिकल कालेजों में उपचार हासिल कर रहे हैं। ब्लैक फंगस से पीड़ित व्यक्ति का इलाज आठ दिन से एक महीने तक चलता है। एक व्यक्ति को इंजेक्शन की 50 से 100 डोज तक लगाई जाती हैं। यह मरीज की उम्र पर निर्भर करता है कि उसे कितनी मात्रा में डोज देनी है, जो इलाज करने वाले डाक्टर तय करने हैं।
मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने बताया कि ब्लैक फंगस के मरीज को हर रोज दो से पांच इंजेक्शन लगाने पड़ते हैं। आरंभ में इस बीमारी का किसी को कोई आभास नहीं था। उस समय हरियाणा को सप्लाई होने वाले इंजेक्शन की संख्या मात्र 200 थी।
मुख्यमंत्री के अनुसार ब्लैक फंगस के मरीजों का कोटा 200 से 400 हुआ और अब छह हजार हो गया है। हालांकि यह भी कम है, लेकिन प्रदेश सरकार ने पांच हजार ब्लैक फंगस के इंजेक्शन मंगवाने का आर्डर दे दिया है। कोरोना से बचाव के लिए लगने वाले इंजेक्शन की एक करोड़ डोज का ग्लोबल टेंडर हो चुका है। अभी तक 57 से 58 लाख लोगों को यह इंजेक्शन लग चुके हैं। हर रोज 50 से 60 हजार लोगों को यह इंजेक्शन लग रहे हैं। इन्हें बढ़ाकर दो लाख प्रतिदिन करने की योजना है, लेकिन यह तभी संभव है, जब हमारे पास केंद्र से तथा ग्लोबल टेंडर के जरिये आने वाली वैक्सीन यहां पहुंच जाएगी।

मुख्यमंत्री मनोहरलाल ने बताया कि करीब सात हजार लोग कोविड की वजह से इस दुनिया में नहीं रहे। ऐसे लोगों के परिजनों को दो-दो लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। उन्होंने बताया कि अधिक आयु के लोगों के टीकाकरण के लिए सरकार ने उन्हें राहत देने का फैसला लिया है। इसके तहत एंबुलेंस, मिनी बस, रोडवेज की एंबुलेंस बस, पुलिस की पीसीआर वैन के जरिये ग्रामीण इलाकों से अधिक उम्र के लोगों को टीकाकरण केंद्र तक लाया जाएगा। उसके बाद संबंधित एंबुलेंस और गाड़ी में ही उन्हें टीके लगाए जाएंगे। थोड़ी देर तक वह गाड़ी में ही आराम करेंगे। फिर वही गाड़ी उन्हें वापस गांव छोड़कर आएगी।
उन्होंने बताया कि, केंद्र सरकार ने टीके की कमी को पूरा करने के लिए पांच नई कंपनियों को वैक्सीन बनाने की इजाजत दी है। इसके लिए करीब 500 करोड़ रुपये का प्रविधान किया गया है, जिसे सरकार दवा बनाने वाली कंपनियों को मुहैया कराएगी।












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