सरकार ने डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर लागू कर किसानों को दी बिचौलियों से मुक्ति, ऑनलाइन आवेदन से ले रहे अनुदान

चंडीगढ़। सरकार द्वारा किसानों के लिए डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर लागू किए जाने से किसानों को बड़ी राहत मिली है। पहले जहां कृषि विभाग से जान-पहचान वाले किसान ही सरकार की अनुदान वाली योजनाओं का फायदे उठा पाते थे। किंतु अब कोई भी किसान ऑनलाइन आवेदन करके अनुदान प्राप्त कर सकता है। इसी के साथ किसानों को बिचौलियों से मुक्ति मिल गई है। और किसान ऑनलाइन आवेदन से अनुदान ले रहे हैं।

हरियाणा सरकार के पोर्टल के मुताबिक, वर्ष 2019-20 के मुकाबले साल 2020-21 में ऑनलाइन आवेदन दोगुना से भी ज्यादा हुए। एक अधिकारी ने कहा कि, अब कोई भी किसान ऑनलाइन आवेदन करके अनुदान प्राप्त कर सकता है। चूंकि इस समय किसान एनड्राड मोबाइल फोन प्रयोग कर रहा है। ऐसे में अपने घर बैठकर ही वह किसी भी स्कीम में आवेदन कर सकता है। उसे अब कृषि विभाग कार्यालयों में अनुदान के लिए चक्कर नहीं काटने पड़ते। कृषि से संबंधित स्कीमों में किसानों को अनुदान देने के लिए कृषि एवं किसान कल्याण विभाग पहले आवेदन जमा करवाता था। तब जाकर कहीं किसान सब्सिडी की लाइन में लगता था। इस प्रक्रिया में पारदर्शिता का अभाव होने के कारण विभाग के अधिकारी अपनी जान-पहचान वाले किसानों को ही अनुदान देते थे।

Government of Haryana provides Agricultural Equipment Grant by online application

शुरुआत में हुआ था इस प्रक्रिया का विरोध
सरकार ने ऑफलाइन प्रक्रिया को पूरी तरह से बंद करके ऑनलाइन आवेदनों की प्रक्रिया शुरू की। शुरुआत में किसानों ने इसका विरोध किया। विरोध का कारण था कि किसान इतना पढ़ा-लिखा नहीं है कि वह ऑनलाइन आवेदन कर सके, लेकिन जब सरकार ने किसानों को विकल्प दिया कि आवेदन करने के लिए कृषि महकमा किसानाें की मदद करेगा। इसके लिए बकायदा हेल्प डेस्क लगाए गए। तब धीरे-धीरे जाकर किसानों का मन बदला और सब्सिडी योजनाओं के लिए ऑनलाइन आवेदन करना शुरू किया।

यदि खेत की जमीन किसान के नाम में या फिर उसकी पत्नी, पति, माता, पिता, बेटा, बेटी के नाम में नहीं है तो इस स्थिति में आवेदन रद्द कर दिया जाएगा। यदि किसान का चयन हो जाता है और चयन होने के बाद किसी प्रकार की त्रुटि पाई जाती है तो इस स्थिति में भी किसान का आवेदन रद माना जाएगा। आपको बता दें कि किसान अधिकतम तीन यंत्र के लिए ही इस योजना का लाभ उठा सकता है। यदि किसान 3 यंत्र से ज्यादा यंत्र के लिए आवेदन करता है तो उसका आवेदन केवल 3 यंत्रों के लिए ही स्वीकार किया जाए। किसान ने यदि पिछले 4 साल में कृषि यंत्रों पर अनुदान प्राप्त किया है तो उन यंत्रों पर दोबारा से अनुदान प्राप्त नहीं किया जा सकता।

40-50 प्रतिशत तक मिलता है अनुदान
कृषि एवं कल्याण विभाग द्वारा कृषि यंत्र अनुदान योजना आरंभ की गई है। इस योजना के अंतर्गत यंत्र की खरीद पर सरकार द्वारा 40 से 50 फीसदी तक अनुदान प्रदान किया जाएगा। जिससे किसानों की आर्थिक स्थिति में सुधार आएगा। इस योजना के अंतर्गत आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर आवेदन करना होगा। इस योजना के अंतर्गत कृषि यंत्र लघु, सीमांत, महिला, अनुसूचित जाति, आदि के किसानों को उपलब्ध कराये जा रहे। योजना में आवेदन करवाने के लिए किसानों को सभी महत्वपूर्ण दस्तावेज जमा करने होंगे। हम आपको अपने लेख के माध्यम से आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह से बताएंगे।

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दोगुना ऑनलाइन आवेदन प्राप्त हुए
कृषि संबंधित यंत्रों पर अनुदान लेने के लिए किसानों को विभाग की वेबसाइट पर ऑनलाइन आवेदन करना होता है। अगर आवेदन यंत्रों से ज्यादा प्राप्त होते हैं। ड्रॉ ऑफ अलाॅट से किसानों का चयन कियाजाता है। वित्तीय वर्ष 2020-21 में 2019-20 की अपेक्षा लगभग दोगुना ऑनलाइन आवेदन प्राप्त हुए हैं।
-विजय कुंडू, सहायक कृषिउ अभियंताकृषि एवं किसान कल्याण विभाग रोहतक

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