सीएम योगी ने कहा- डिफेंस कॉरीडोर में जहां मांग ज्यादा, वहां खरीदी जाए जमीन
लखनऊ, 29 जुलाई: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के तहत सभी 6 नोड्स में करीब 1500 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहीत की जा चुकी है। जहां पर भूमि की मांग अधिक है, वहां भूमि खरीदने के निर्देश दे दिए गए हैं। अलीगढ़ नोड में लगभग 74 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहीत की गई है। इसका आवंटन 19 इकाइयों में हो चुका है। कुल 1500 करोड़ रुपये का निवेश संभावित है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 'मेक इन इंडिया' संकल्पना को साकार करने में उत्तर प्रदेश डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर की महत्वपूर्ण भूमिका है। यह कॉरिडोर रक्षा उत्पादन के क्षेत्र में देश को आत्मनिर्भर बनाने में सहायक होगा। यह परियोजना ग्रीन फील्ड परियोजना है। डिफेंस तथा एयरोस्पेस उद्योग के लिए ही नहीं, बल्कि परियोजना क्षेत्र में स्थापित रक्षा क्षेत्र से संबंध न रखने वाली एमएसएमई इकाइयों और स्टार्टअप के लिए भी लाभकारी होगी।
मुख्यमंत्री सीआईआई इंडिजेनाइजेशन समिट ऑन डिफेंस एंड एयरोस्पेस-2021 (सीआईआई-आईएसडीए-2021) को वर्चुअल माध्यम से संबोधित कर रहे थे। इंडिया मार्चिंग टुवर्ड्स सेल्फ. रिलायंस इन डिफेंस एंड एयरोस्पेस थीम पर आधारित इस समिट का आयोजन सीआईआई, यूपीडा और सोसाइटी ऑफ इंडियन डिफेंस मैन्युफैक्चरर्स (एसआईडीएम) की ओर से संयुक्त रूप से 31 जुलाई तक चलेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अपराध और भ्रष्टाचार के प्रति राज्य सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति से उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था का मजबूत हुई है। यूपी में हुई इन्वेस्टर्स समिट में 4.68 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले थे। इनमें से 3 लाख करोड़ रुपये के एमओयू क्रियान्वयन के विभिन्न चरणों में हैं।
अलीगढ़ नोड का शिलान्यास अगस्त में
अलीगढ़ नोड का शिलान्यास अगस्त में प्रस्तावित है। उन्होंने कहा कि यूपी में एमएसएमई सेक्टर में प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से लगभग 3 करोड़ लोग कार्यरत हैं। अब तक 70 लाख 69 हजार से अधिक एमएसएमई इकाइयों को 2 लाख 17 हजार करोड़ रुपये का ऋण उपलब्ध कराया गया है।
ओएफबी और एचएएल ने किया 820 करोड़ का निवेश
सीएम ने कहा कि डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के तहत अभी तक 41 अनुबंध किए गए हैं। इनमें से 23 निवेशक कंपनियों के साथ 50 हजार करोड़ रुपये के निवेश के एमओयू डिफेंस एक्सपो-2020 के दौरान हस्ताक्षरित हुए। भारत सरकार के उपक्रम ओएफबी, एचएएल और बीईएल ने आने वाले 5 वर्षों में 2317 करोड़ रुपये के निवेश की घोषणा की है। ओएफबी और एचएएल ने करीब 820 करोड़ रुपये का निवेश कर दिया है। डिफेंस टेस्टिंग इंफ्रास्ट्रक्चर स्कीम के अंतर्गत डिफेंस कॉरिडोर में प्रयोगशालाएं स्थापित करने का निर्णय लिया है।
प्रदेश सरकार मैन्युफैक्चरिंग केंद्रों की सुविधा के लिए विश्वस्तरीय बुनियादी ढांचे का विकास करा रही है। इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव गृह एवं यूपीडा के सीईओ अवनीश कुमार अवस्थी, एसआईडीएम के प्रेसिडेंट जयंत पाटिल, यूपी चैप्टर के चेयरमैन सचिन अग्रवाल, सीआईआई नॉर्दर्न रीजन कमेटी ऑन डिफेंस एंड एयरोस्पेस के चेयरमैन मनोज गुप्ता और को. चेयरमैन अमिता सेठी ने भी विचार रखे।












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