आने वाले त्योहारों के दौरान गड़बड़ी की तो खैर नहीं, चप्पे-चप्पे पर राज्य व केन्द्रीय पुलिस बलों की तैनाती

आने वाले 10 दिनों में चार-चार प्रमुख त्योहारों के दौरान किसी भी कीमत पर राज्य में सांप्रदायिक सद्भाव की स्थिति को बिगड़ने नहीं दिया जाएगा। आने वाले दिनों में राज्य में ईद, चैती नवरात्र, चैती छठ और रामनवमी त्योहारों की धूम रहेगी। इन त्योहारों को लेकर राज्य पुलिस मुख्यालय ने राज्य भर में सांप्रदायिक सौहार्द्र के साथ-साथ विधि-व्यवस्था बनाए रखने के पुख्ता इंतजाम किये हैं।

किसी की भी धार्मिक भावना को आहत करने की साजिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। राज्य के अपर पुलिस महानिदेशक (विधि-व्यवस्था) पंकज कुमार दराद और अपर पुलिस महानिदेशक (मुख्यालय) कुंदन कृष्णन ने शुक्रवार को एक संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में इससे संबंधित पूरी जानकारी दी।

Bihar Festival Eid Navratri Ramnavami

एडीजी ने बताया कि पिछले वर्ष राज्य के कुछ स्थानों पर रामनवमी धार्मिक जुलूस और शोभा यात्राओं के दौरान हुए उपद्रव और हिंसा की घटनाओं से सबक लेते हुए पुलिस मुख्यालय ने सूबे के चप्पे-चप्पे पर राज्य पुलिस के साथ-साथ केन्द्रीय अर्द्धसैनिक बलों की कुल 12 कंपनियों के अलावा पीटीसी में प्रशिक्षणरत पुलिसकर्मियों और होमगार्ड जवानों की तैनाती करने का फैसला लिया है। इसमें रैपिड एक्शन फोर्स की दो कंपनियां शामिल हैं। साथ ही, राज्य के सभी 40 पुलिस जिलों में उपद्रवी तत्वों की शिनाख्त करके उनके खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

एडीजी पंकज दराद ने बताया कि रामनवमी के मौके पर निकलने वाले जुलूस और झांकियों को लेकर विशेष सतर्कता बरती जाएगी। एक निर्धारित ध्वनि से अधिक ध्वनि पर डीजे बजाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, धार्मिक जुलूस और शोभा यात्राओं को प्रशासन द्वारा निर्धारित मार्गों से ही गुजरने की इजाजत होगी। डीजे पर बजने वाले गानों और संगीत पर भी पुलिस की पैनी नजर होगी। ताकि किसी की धार्मिक भावनाओं के साथ खिलवाड़ न हो। इस दौरान ट्रैफिक को नियमित रखने के भी इंतजाम किए गए हैं। सभी धार्मिक जुलूसों और शोभा यात्राओं की पुलिस द्वारा वीडियो रिकॉर्डिंग की जा रही है। ताकि असामाजिक तत्वों की निगरानी की जा सके।

पिछले दिनों धार्मिक आयोजनों के दौरान हुई हिंसा और उपद्रव में शामिल तत्वों को थाने में बुलाकर उनसे बॉन्ड भरवाने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। त्योहारों में शांति-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सभी जिलों के एसपी को उपलब्ध पुलिस बल की ऑडिट करने के निर्देश पहले ही जारी कर दिए गए हैं।

एडीजी दराद ने बताया कि राज्य के उन सभी संवेदनशील स्थलों की पहचान कर ली गई है, जहां पिछले दिनों त्योहारों के दौरान सांप्रदायिक सौहार्द्र और शांति-व्यवस्था को बिगाड़ने की कोशिश की गई थी। उन सभी संवेदशील स्थलों पर दंडाधिकारी के साथ-साथ डीएसपी स्तर के अधिकारिओं और केन्द्रीय रैपिड एक्शन फोर्स को तैनात किया जा रहा है। यहाँ केन्द्रीय क्विक रिस्पोन्स टीम भी तैनात रहेगी। जो सभी तरह के दंगारोधी उपकरणों जैसे हेलमेट, बॉडी प्रोटेक्टर, आँसू गैस के गोलों और अत्याधुनिक हथियारों से लैस होगी। उन्होंने राज्य के कुछ ऐसे जिलों का भी जिक्र किया जहां पिछले साल रामनवमी के दौरान हिंसा की घटनाएं सामने आईं थी। इनमें गया, नालंदा, दरभंगा, समस्तीपुर, मुंगेर, खगड़िया, रोहतास आदि जिले शामिल हैं। इस साल इन सभी जिलों में सतर्कता के विशेष इंतजाम किए गए हैं।

पंकज दराद ने कहा कि ईद के मौके पर लोगों को उन्हीं सड़कों पर नमाज पढ़ने की इजाजत होगी जहां प्रशासन की अनुमति होगी। इसके लिए लोगों को जिला प्रशासन की अनुमति लेना अनिवार्य होगा। दराद ने बताया कि राज्य के डीजीपी विनय कुमार ने राज्य के सभी जिलों के पुलिस अधीक्षकों के साथ बैठक करके हर जिले में नियंत्रण कक्ष की स्थापना करने का निर्देश दिया है। जहां अग्निशन वाहन, एम्बुलेंस और बिजली विभाग के अधिकारी और कर्मचारी चौबीसों घंटे तैनात रहेंगे। साथ ही सभी थानों को भी निर्देश दिया गया है कि वे लगातार गश्ती पर रहें।

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