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ये है 8 मंजिला पन्ना मीणा की बावड़ी, 200 फीट गहराई, तीन तरफ हैं 1800 सीढ़ियां, रोज आते हैं सेल्फी लवर्स
By Vijay Ram
राजस्थान की राजधानी जयपुर में आमेर के निकट सैकड़ों बरस पुरानी "पन्ना मीना की बावड़ी" इन दिनों सेल्फी लवर्स की आंखों का तारा बनी हुई है। यहां बड़ी संख्या में लोग तस्वीरें क्लिक करने और छलांग मारकर नहाते के लिए जाते हैं। प्रदेश के राजशाही इतिहास में "पन्ना मीना की बावड़ी" काफी चर्चित रही है..यह एक अनोखी जलीय इमारत है। यहां अब तक काफी फिल्में शूट हो चुकी हैं और यह पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बन गई है।
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राजस्थान की राजधानी जयपुर में आमेर के निकट सैकड़ों बरस पुरानी "पन्ना मीना की बावड़ी" इन दिनों सेल्फी लवर्स की आंखों का तारा बनी हुई है। यहां बड़ी संख्या में लोग तस्वीरें क्लिक करने और छलांग मारकर नहाते के लिए जाते हैं। प्रदेश के राजशाही इतिहास में "पन्ना मीना की बावड़ी" काफी चर्चित रही है..यह एक अनोखी जलीय इमारत है। यहां अब तक काफी फिल्में शूट हो चुकी हैं और यह पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बन गई है।
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जयगढ़ दुर्ग और पहाड़ों के बीच है यह बावड़ी:
'पन्ना मीना की बावड़ी' के बीच पाताल तोड़ कुएं बताए जाते हैं। इसमें तीन तरफ 1800 सीढिय़ां हैं। इसके इमारती ढांचे की उूंचाई 8 मंजिल है। जबकि, इसकी गहराई 200 फ़ीट है।
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यह राजाओं के शासन के जमाने की कारीगरी का बेजोड़ नमूना है। कुछ शिलालेख बताते हैं कि, मीणा शासक राजा पन्ना दीवाली के दिन इस कुंड में स्नान करके पितरों को जल अर्पण करते थे। बाद में इस जगह पर राजपूत राजाओं का आधिपत्य हो गया।
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इस बावड़ी को लगभग 1000 साल पहले मीणा राजवंश के दौर में बनाया गया था। पन्ना मीणा एक बड़े योद्धा थे। कहा जाता है कि, आमेर के राजाओं ने उनकी हत्या कर दी थी। तब से राजपूतों का आधिपत्य हो गया।
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पन्ना की बावड़ी अपनी अद्भुत आकार की सीढ़ियों, अष्टभुजा किनारों और बरामदों के लिए विख्यात है। इस बावड़ी के एक ओर जयगढ़ दुर्ग और दूसरी ओर पहाड़ों की नैसर्गिक सुंदरता है।
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स्थानीय लोगों का कहना है कि, इस बावड़ी में दोनों तरफ़ काफ़ी जगह दी गई है। इन जगहों पर लोग खाना पकाते थे और बैठकर बातें करते थे। इतनी बड़ी जगह लोगों के मिलने—जुलने के लिए बनाई गई थी।"
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आभानेरी की 'चाँद बावड़ी' और हाड़ी रानी की बावड़ी के समान ही इसमें भी तीन तरफ़ सीढ़ियाँ हैं। इसके चारों किनारों पर छोटी-छोटी छतरियां और लघु देवालय इसे आकर्षक बनाते हैं।
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यह बावड़ी देखने के लिए आपको जयपुर या आमेर पहुंचना होगा। जयपुर रेलवे स्टेशन से इसकी दूरी 11 और बड़ी चौपड़ मेट्रो स्टेशन से 9.2 किलोमीटर है।
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यहां अब तक काफी फिल्में शूट हो चुकी हैं और यह पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बन गई है।


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