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Mridul Kachawa : राजस्थान में IPS मृदुल कच्छावा से खौफ खाते हैं डकैत, जर्मन बैंक की नौकरी छोड़ 2 बार पास की UPSC
भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के अफसर जहां पोस्टेड होते हैं, वहां काम के बूते इनकी अलग पहचान बनती है। ऐसा ही कुछ IPS Mridul Kachawa के साथ हुआ। राजस्थान कैडर ये वो आईपीएस हैं जिनसे डकैत खौफ खाते हैं। ये डकैतों के लिए 'काल' सरीखे हैं।
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Photo Credit: Instagram/Mridul Kachawa IPS
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आईपीएस मृदुल कच्छावा अभी राजस्थान के झुंझुनूं में एसपी हैं, मगर यहां पर खूंखार डकैत नहीं के बराबर हैं। फिर किस जगह के डकैत इनसे खौफ खाते हैं? इस सवाल का जवाब धौलपुर में मिलेगा। चंबल के इलाके धौलपुर में आज के जमाने में भी डकैत कल्चर है।
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दरअसल, 5 जुलाई 2019 से लेकर 8 जुलाई 2020 के दौरान आईपीएस मृदुल कच्छावा धौलपुर में एसपी रहे। इनका यह कार्यकाल कोरोना महामारी के कारण लॉकडाउन वाला भी था। लॉकडाउन में ही मृदुल कच्छावा हाथ में AK-47 लेकर अपनी टीम के साथ चंबल बीहड़ में उतर गए थे।
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धौलपुर में बतौर एसपी मृदुल कच्छावा ने अपने सालभर के कार्यकाल में 57 डकैतों व हार्डकोर अपराधियों को पकड़ा और सलाखों के पीछे पहुंचाया। इनमें जगन गुर्जर का छोटा भाई पप्पू गुर्जर, लाल सिंह गुर्जर, रामविलास गुर्जर, भारत गुर्जर, रामविलास गुर्जर और रघुराज गुर्जर जैसे खूंखार डकैत शामिल हैं।
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आईपीएस मृदुल कच्छावा ने धौलपुर में एक दर्जन यंग सीआई, आरएसी के जवान व साइबर सेल की एक टीम बनाई थी, जो अक्सर चंबल के बीहड़ में पहुंच जाया करती थी। लॉकडाउन अवधि में ही इस टीम ने विशेष अभियान चलाकर 22 डकैतों को पकड़ा था।
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धौलपुर एसपी के रूप में आईपीएस मृदुल कच्छावा के खौफ का अंदाजा इस बात से सहज से लगा लीजिए कि पुलिस व डकैतों की कई दफा मुठभेड़ हुई और आखिर में कई बड़े डकैतों ने धौलपुर पुलिस के सामने घुटने टेक दिए और सरेंडर कर दिया था।
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चंबल के डकैत विक्रांत, नीतू, डब्लू, जज्जोधन, आकाश, ओमवीर, विशाल, रईस, रवि , तंबू , लाल सिंह गुर्जर, रामवीर गुर्जर, सुरेंद्र ठाकुर, जसवंत गुर्जर, विजेंद्र, विनोद पंडित, अनिल ठाकुर, राजवीर गुर्जर, डकैत अजीत, धीरा, कल्ला उर्फ राम लखन मीणा, सीताराम गुर्जर, श्रीभान गुर्जर, रामबाबू, रमेश गुर्जर, सुभाष गुर्जर, मोहर सिंह गुर्जर, कल्लू , सीताराम गुर्जर, जंडेल गुर्जर, ज्वान सिंह गुर्जर, भूरा गुर्जर, बनिया उर्फ रिजवान, मेहताब गुर्जर, दशरथ गुर्जर, बंटू उर्फ बंटी गुर्जर, राजेंद्र कुशवाह, रामनिवास उर्फ खंगार, लुक्का आईपीएस मृदुल कच्छावा के जाल में फंसे।
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चंबल के बीहड़ में उतरकर डकैतों को पकड़ना आसान नहीं। ये वो ही जगह है, जो कभी डकैत फूलन देवी, डकैत मोहर सिंह, डकैत माधो सिंह, डकैत पुतलीबाई, डकैत मलखान, डकैत जगजीवन परिहार, डकैत पान सिंह जैसे खूंखार डकैतों की शरणस्थली रही है।
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धौलपुर के बाद आईपीएस मृदुल कच्छावा को पड़ोसी जिले करौली में एसपी लगाया गया था। यहां पर टोडाभीम विधायक पीआर मीणा ने एसपी कच्छावा पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर इनके तबादले की मांग की तो एसपी के समर्थन में लोगों ने सोशल मीडिया पर मुहिम छेड़ दी थी। इनके सपोर्ट में लोग सड़कों पर उतर आए थे।
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आईपीएस मृदुल कच्छावा करौली में 3 जुलाई 2020 से 2 जनवरी 2022 तक एसपी रहे। फिर इन्हें जयपुर सिटी (साउथ) में डीसीपी पद पर लगाया गया। यहां से 4 जुलाई 2022 को झुंझुनूं एसपी पद पर ट्रांसफर हुआ। पड़ोसी जिले सीकर में बच्चा अपहरण केस व राजू हत्याकांड के बाद के आरोपियों को पकड़ने के लिए झुंझुनूं जिले में पुलिस की तगड़ी नाकाबंदी एसपी मृदुल कच्छावा की देखरेख में ही हुई थी। आरोपियों उसे तोड़ नहीं सके।


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