कौन हैं वो जगतगुरु? जिनके मोहन भागवत हुए मुरीद! पैर छूकर लिया आशीर्वाद
बीते रोज इंटरनेट पर एक तस्वीर क़ाफ़ी ज़्यादा चर्चा में रही। एक निजी कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक Mohan Bhagwat ने प्रख्यात आध्यात्मिक गुरु Jagadguru Swami Satish Acharya Ji Maharaj से मुलाकात कर उनके चरण स्पर्श कर आशीर्वाद लिया था।
ये तस्वीर अलग-अलग सोशल मीडिया माध्यमों में वायरल होने के बाद लोगों के ज़हन में मोहन भागवत के साथ दिख रहे उन संत को लेकर क़ाफ़ी उत्सुकता थी, जिनके भागवत चरण स्पर्श करते दिख रहे थे। चलिये, इस तस्वीर के पीछे की पूरी कहानी हम आपको बताते हैं।

भारतीय परंपरा में गुरु के चरण स्पर्श करना सम्मान और श्रद्धा का प्रतीक माना जाता है। और सरसंघचालक मोहन भागवत इस सनातनी परंपरा का निर्वहन सदैव ही बख़ूबी करते आये हैं। उनकी जगतगुरु सतीशाचार्य से ये मुलाकात उस समय चर्चा का विषय बन गई जब इससे जुड़ी तस्वीरें और जानकारी सार्वजनिक हुईं।
दरअसल, मोहन भागवत और जगतगुरु सतीशाचार्य की ये भेंट एक निजी कार्यक्रम के दौरान की थी। और वायरल हो रही तस्वीरों में मौजूद स्वामी सतीशाचार्य जी अगर बात की जाए, तो वो देशभर में सनातन संस्कृति, आध्यात्मिक जागरण और भारतीय मूल्यों के प्रसार के लिए जाने जाते हैं। उनके नेतृत्व में "विकसित भारत के लिए आध्यात्मिक दृष्टि" के साथ सांस्कृतिक पुनर्जागरण का एक व्यापक अभियान चलाया जा रहा है, जिसका उद्देश्य समाज को भारतीय संस्कृति, धर्म और नैतिक मूल्यों से जोड़ना है।
स्वामी सतीशाचार्य जी के आध्यात्मिक मार्गदर्शन से समाज के कई वर्ग प्रभावित हैं, जिनमें राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र के लोग भी शामिल हैं। दिल्ली की मुख्यमंत्री Rekha Gupta को भी उनका परम भक्त बताया जाता है और वे समय-समय पर उनके कार्यक्रमों में भाग लेती रही हैं।
देश के विभिन्न हिस्सों में प्रवचन, सांस्कृतिक कार्यक्रम और सामाजिक अभियानों के माध्यम से स्वामी सतीशाचार्य जी भारतीय परंपरा, आध्यात्मिकता और राष्ट्र निर्माण के संदेश को आगे बढ़ा रहे हैं। कई लोगों के अनुसार मोहन भागवत और स्वामी सतीशाचार्य जी की यह मुलाकात आध्यात्मिक नेतृत्व और सांस्कृतिक विचारधारा के बीच संवाद का प्रतीक भी मानी जा रही है..।












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