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IIT खड़गपुर की डिवाइस से सिर्फ 45 मिनट में होगी कोरोना की जांच, एक्सपर्ट की भी जरूरत नहीं

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पश्चिम मिदनापुर, 31 अप्रैल: देश में जब कोरोना की दूसरी लहर आफत मचा रही है और ऐक्टिव केस की संख्या 21.5 लाख के आंकड़े को पार कर चुकी है, ऐसे में आईआईटी खड़गपुर से एक अच्छी खबर आई है। यहां एक ऐसी किट विकसित की गई है, जिसके जरिए कोई भी व्यक्ति सिर्फ 45 मिनट में ही कोविड-19 की जांच कर सकता है। इस किट को दुनियाभर में बेचने के लिए संस्थान ने भारतीय और अमेरिकी कंपनियों के साथ साझेदारी की है। इस प्रोडक्ट का नाम कोविरैप (सीओवीआईआरएपी) है, जो सिर्फ कोविड की ही नहीं, ट्यूबरक्लोसिस समेत कई और तरह के इंफेक्शन की जांच कर सकता है। इसे मेक इन इंडिया पहल के तहत बनाया गया है और कई देशों में पेटेंट करवाने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

45 मिनट में ही आ जाएगी रिपोर्ट

45 मिनट में ही आ जाएगी रिपोर्ट

कोविरैप (सीओवीआईआरएपी) को आईआईटी खड़गपुर के प्रोफेसर सुमन चक्रवर्ती, डॉक्टर अरिंदम मंडल और उनके रिसर्च ग्रुप ने विकसित किया है। न्यूज18 की एक रिपोर्ट के मुताबिक आईआईटी खड़गपुर का दावा है कि वह अपने कैंपस में नोवल कोरोना वायरस के संभावित संक्रमण का पता लगाने के लिए इसका इस्तेमाल कर रहा है। इसके लिए सिर्फ इंसान के नाक और मुंह से लिए गए सैंपल को डिवाइस के अंदर डालना होता है और इसमें आरएनए को अलग करने के लिए अलग सुविधा की भी आवश्यकता नहीं है। सबसे बड़ी बात की मरीज का सैंपल लेने के सिर्फ 45 मिनट के अंदर इसका परिणाम आ जाता है। दावे के मुताबिक इस किट के साथ एक फ्री स्मार्टफोन ऐप भी है, जिसके जरिए 45 मिनट में परिणाम सीधे उसपर भेज दिया जाएगा।

कहीं भी और कोई भी कर सकता है जांच

कहीं भी और कोई भी कर सकता है जांच

इस डिवाइस के बारे में एक और बड़ा दावा ये किया गया है कि इसके जरिए टेस्ट करने के लिए किसी मेडिकल ट्रेंड स्टाफ की भी जरूरत नहीं है और इसका इस्तेमाल कहीं भी किया जा सकता है। लेकिन, फिर भी यह सिर्फ 45 मिनट में सटीक डिजिट रिजल्ट देता है। इस उपकरण को गरीब देशों में सामुदायिक टेस्टिंग के लिए भी बहुत उपयोगी बताया जा रहा है। अमेरिकी कंपनी ब्रामेर्टन होल्डिंग्स ने कोविरैप को दुनियाभर में बेचने के लिए आईआईटी खड़गपुर के साथ एक डील पर हस्ताक्षर किया है। माना जा रहा है कि ये प्रोडक्ट अमेरिका और केन्या जैसे देशों में भी बेची जाएगी। आईआईटी खड़गपुर के मुताबिक इस टेस्ट के लिए नाक और मुंह से लिए गए स्वैब सैंपल को एक सॉल्यूशन में मिलाया जाता है और रीएजेंट्स के साथ पोर्टेबल डिवाइस में टेस्ट किया जाता है। यह टेस्ट पूरी तरह से ऑटोमेटिक है, मैनुअली कुछ नहीं होता है।

कई देशों में पेटेंट के लिए आवेदन

कई देशों में पेटेंट के लिए आवेदन

ओपीआईएनईडी डायरेक्टर प्रोफेसर वीके तिवारी के मुताबिक 'यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब देश में कोरोना की दूसरी लहर भयावह स्थिति पैदा कर रही है। इससे भारतीय बाजारों में सस्ती स्वदेशी डिवाइस की उपलब्धता तो होगी ही, दुनियाभर के बाजारों तक पहुंचेगी। कोविरैप का वादा है कि यह जमीनी-स्तर पर समाज के अंतिम व्यक्ति तक की जरूरतों को पूरा करेगा।' आईआईटी खड़गपुर के नाम से इसके पेटेंट के लिए भारत, अमेरिका समेत कई देशों में आवेदन दर्ज किया गया। इसकी खरीद-बिक्री और इस्तेमाल के लिए अमेरिका और यूरोप में यह अभी इमरजेंसी यूज अथॉराइजेशन की प्रक्रिया में है। इस डिवाइस का विकास पूरी तरह से मेक इन इंडिया पहल के तहत की गई है।

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English summary
IIT Kharagpur develops Covid-19 testing kit, results will come in just 45 minutes, commercial agreement with US company
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