बेहद खास है वाराणसी का स्वर्वेद मंदिर, PM Modi करेंगे उद्घाटन, जानिए यहां किसकी होती है पूजा?
PM Modi in Varanasi: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अगले सप्ताह दो दिवसीय दौरे पर वाराणसी आ रहे हैं। वाराणसी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी काशी तमिल संगमम का शुभारंभ करेंगे। इसके अलावा वाराणसी के सेवा पूरी विधानसभा में एक जनसभा को भी संबोधित करेंगे। वाराणसी आगमन के दौरान ही 18 दिसंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा वाराणसी के चौबेपुर में बने स्वर्वेद मंदिर का भी उद्घाटन किया जाएगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आगमन को ध्यान में रखते हुए मंदिर परिसर में तैयारियां तेजी से चल रही हैं। प्रधानमंत्री के आगमन से पहले गुरुवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मंदिर परिसर में पहुंचे और तैयारियों का निरीक्षण किए। वाराणसी में बना यह मंदिर बेहद खास है, हालांकि इस मंदिर के बारे में बहुत कम लोगों को जानकारी है। तो आईए जानते हैं मंदिर से जुड़ी कुछ महत्वपूर्ण बातें...

35 करोड़ से अधिक की लागत से बना है मंदिर
180 फीट ऊंचे और 7 मंजिल के इस मंदिर के निर्माण में करीब 35 करोड़ से अधिक रुपए खर्च किए गए हैं। मंदिर में 3137 स्वर्वेद छंद मकराना संगमरमर पर अंकित हैं। इसके आलावा 125 पंखुड़ी वाला कमल गुंबद भी बना हुआ है, जिससे मंदिर की भव्यता और सुंदरता और बढ़ जाती है। वाराणसी गाजीपुर हाईवे से गुजरने वाले लोगों की निगाह एक बार जरूर मंदिर पर जाती है।
20 हजार लोग एक साथ कर सकते हैं योग
मंदिर में किसी भगवान की मूर्ति नहीं है बल्कि इस मंदिर में मेडिटेशन किया जाएगा। इस मंदिर में एक साथ 20000 लोग बैठकर योग कर सकते हैं। मंदिर से जुड़े ने वन इंडिया हिंदी से खास बातचीत में बताया कि वाराणसी गाजीपुर हाईवे के किनारे बना स्वर्वेद मंदिर विश्व का सबसे बड़ा ध्यान केंद्र है।
क्या है स्वर्वेद का अर्थ?
बातचीत के दौरान मंदिर के एक अनुयाई राकेश कुमार ने बताया कि पूरे विश्व में मंदिर के अनुयाई हैं। स्वर्वेद की उत्पत्ति दो शब्दों से हुई है। स्व का अर्थ है स्वयं या ब्रह्मा और वेद का अर्थ है ज्ञान। ऐसे में यदि हम स्वर्वेद के अर्थ की बात करें तो इसका मतलब होता है। एक ऐसा ग्रंथ जिसके माध्यम से प्राणी को सार्वभौमिक ज्ञान हो सके।












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