वाराणसी में मेट्रो बनने का रास्ता साफ, डीपीआर को मिली मंजूरी
वाराणसी। लखनऊ के बाद पीएम मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी को मेट्रो रेल की सौगात मिलने का रास्ता साफ हो गया है। अखिलेश यादव की अध्यक्षता में कैबिनेट की हुई बैठक में वाराणसी मेट्रो के डीपीआर को मंजूरी दे दी गयी है। इसके साथ ही वाराणसी में मेट्रो बनने का रास्ता साफ हो गया है।
अब सिटी बस, रोडवेज बस और मेट्रो ट्रेन का सफर एक स्मार्ट कार्ड से
माना जा रहा है कि इसी साल के अंत तक वाराणसी में मेट्रों बनने का काम शुरु भी हो जाएगा। ऐतिहासिक महत्व के चलते वाराणसी में मेट्रो के निर्माण में खास ध्यान रखा जाएगा। मेट्रो मैन श्रीधरन के अनुसार वाराणसी के अंडरग्राउंड सीवर सिस्टम को किसी भी तरह का नुकसान नहीं पहुंचे इसका खयाल रखा जाएगा।

17277 करोड़ रुपए का खर्च
वाराणसी में मेट्रों के निर्माण में कुल 17277 करोड़ रुपए का खर्च आयेगा।

29.235 किलोमीटर की दूरी
शहर में कुल 29.235 किलोमीटर की दूरी का सफर मेट्रो ट्रेन करेगी।

80 फीसदी हिस्सा अंडरग्राउंड
वाराणसी मेट्रो का 80 फीसदी हिस्सा अंडरग्राउंड होगा। इसके पीछे वाराणसी की घनी आबादी है।

वाराणसी में सीवर लाईन 5 से 6 मीटर नीचे
वाराणसी में सीवर लाईन 5 से 6 मीटर नीचे है जबकि मेट्रो 15 मीटर नीचे से गुजरेगी।

कुल दो कोरीडोर बनेंगे
वाराणसी में कुल दो कोरीडोर बनेंगे, एक की लंबाई 29.235 किमी होगी जिसमें 23 स्टेशन होंगे।












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