भाजपा नेता की पीट-पीट कर हत्या, विधायक की शिकायत को भी पुलिस ने किया था अनसुना
वाराणसी जिले के सिगरा थाना अंतर्गत जयप्रकाश नगर कॉलोनी में बुधवार की रात्रि में भाजपा नेता पशुपतिनाथ सिंह की मनबढ़ युवकों द्वारा पीट-पीटकर हत्या कर दी गई
भाजपा नेता पशुपतिनाथ सिंह की हत्या के मामले में चौंकाने वाली बात सामने आई है। बताया जा रहा है कि सिगरा थाना क्षेत्र के जयप्रकाश नगर निवासी भाजपा नेता पशुपतिनाथ सिंह द्वारा पहले ही इलाके में सक्रिय मनबढ़ युवकों के खिलाफ पुलिस से शिकायत की गई थी। पुलिस द्वारा कार्रवाई न किए जाने के बाद उन्होंने इसकी शिकायत क्षेत्रीय विधायक सौरभ श्रीवास्तव से की। उनके बेटे द्वारा यह भी कहा गया कि मनबढ़ युवकों की मोबाइल से फोटो बनाकर विधायक को भी भजी गई थी। विधायक द्वारा पुलिस से शिकायत की गई, बावजूद इसके पुलिस द्वारा इस मामले को गंभीरता से नहीं लिया गया। यही कारण था कि बुधवार को पशुपतिनाथ के घर पहुंचे मनबढ़ युवकों ने पशुपतिनाथ की लाठी डंडे और रॉड से बुरी तरह पीटकर हत्या की। वहीं उनका बेटा राजन सिंह ट्रामा सेंटर में भर्ती है जहां उपचार चल रहा है।

कुछ देर में ही पहुंच गए थे 30-40 लड़के
मृतक पशुपतिनाथ के बेटे रूद्रेश ने बताया कि बुधवार रात्रि में वे अपने कोचिंग सेंटर पर थे। इसी दौरान उनके घर से 20 मीटर दूर स्थित शराब ठेके पर चार पांच लोग शोर मचा रहे थे। यह देखकर उनके भाई उन्हें मना करने गए और डांट फटकार कर भगा दिया। जाते हुए चारों मनबढ़ युवकों ने उन्हें धमकी भी दिया, हालांकि राजन ने उनकी बात पर गौर नहीं किया। कुछ ही देर बाद 30-40 की संख्या में युवक हॉकी डंडा लेकर वहां पहुंचे और कुछ पूछे बगैर हमला कर दिए। शोर-शराबा सुनकर पिता पशुपतिनाथ बचाने के लिए पहुंचे तो उन लोगों ने उनके ऊपर भी हमला कर दिया।
जब तक गिर नहीं गए तब तक मारते रहे
रूद्रेश ने बताया कि शोर-शराबा सुनकर जब वह अपने कोचिंग सेंटर से बाहर निकले तो उन्होंने देखा कि उनके भाई और पिता के ऊपर 30-40 युवक हमला कर रहे थे। मनबढ़ युवकों ने लाठी डंडे और रॉड से तब तक पिटाई किया जब तक की पशुपतिनाथ और उनके बेटे जमीन पर नहीं गिर गए। मारपीट देखकर पूरे मोहल्ले में दहशत का माहौल हो गया। मारपीट कर रहे युवकों को जब यकीन हो गया कि पशुपतिनाथ और राजन की मौत हो गई उसके बाद हॉकी डंडा लहराते हुए बाइक पर बैठे और चले गए।
अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने मृत घोषित किया
मारपीट करने वाले बदमाशों के जाने के बाद रुद्रेश पड़ोसियों की मदद से अपने पिता और भाई को लेकर बीएचयू ट्रामा सेंटर गए। जहां जांच करने के पश्चात चिकित्सकों ने पशुपतिनाथ को मृत घोषित कर दिया जबकि गंभीर रूप से घायल राजन उर्फ राजकुमार का उपचार चल रहा है। इस मामले में पुलिस कमिश्नर सतीश गणेश द्वारा रात में ही लापरवाही बरतने पर नगर निगम चौकी प्रभारी नीरज ओझा, दरोगा ललित पांडेय सहित कुल 9 पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया।
पार्टी के कार्यक्रम रहती थी सक्रिय भागीदारी
भाजपा नेताओं ने बताया कि पशुपतिनाथ भारतीय जनता पार्टी के प्रति काफी समर्पित रहते थे और पार्टी के कार्यक्रमों में उनकी सक्रिय भागीदारी भी रहती थी। 2012 में वे पार्षद का चुनाव भी लड़े थे हालांकि जीत हासिल नहीं हुई थी। बीजेपी नेता के निधन के बाद वाराणसी के नेताओं में भी आक्रोश देखने को मिला। वहीं जयप्रकाश नगर कॉलोनी में रहने वाले लोगों ने बताया कि मन भर युवकों द्वारा शराब ठेके पर आए दिन उपद्रव किया जाता है। शिकायत के बाद भी पुलिस द्वारा कार्यवाही नहीं की जाती है। ऐसे में पशुपतिनाथ की मौत तथा पुलिस द्वारा शिकायत को गंभीरता से न लिए जाने के कारण कॉलोनी के लोगों में पुलिस के प्रति भी नाराजगी साफ देखने को मिल रही थी।
पांच अभियुक्तों को पुलिस ने किया गिरफ्तार
गुरुवार को पुलिस कमिश्नर द्वारा बताया गया कि घटना में शामिल पांच अभियुक्तों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम द्वारा जगह-जगह दबिश दी जा रही है। पकड़े गए हत्यारोपियों के अपराधिक इतिहास के बारे में डीसीआरबी से पता किया जा रहा है। पूर्व के मामलों में जमानत निरस्तीकरण की कार्रवाई की जाएगी। वहीं पुलिस कमिश्नर द्वारा सभी चौकी प्रभारियों को निर्देश दिया गया है कि उनके चौकी क्षेत्र में कहीं भी इस तरह की गुंडागर्दी नहीं होनी चाहिए, गुंडागर्दी की शिकायत मिलने पर चौकी प्रभारी के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जाएगी।












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