Bengal से प्रयागराज जा रहे मछली लदे ट्रक चालक से चौकी प्रभारी ने मांगे दो लाख, अधिकारियों ने किया सस्पेंड
बंगाल से ट्रक पर मछलियों को लादकर प्रयागराज लेकर आ रहे ट्रक चालक से वाराणसी में चौकी प्रभारी द्वारा रिश्वत मांगी गई। अधिकारियों ने जांच के बाद चौकी प्रभारी को सस्पेंड कर दिया।

Bengal से प्रतिबंधित थाई मांगुर मछली लेकर प्रयागराज आ रहे एक ट्रक चालक से दो लाख लेकर ट्रक छोड़ने के आरोप में वाराणसी कमिश्नरेट के रमना चौकी प्रभारी को निलंबित कर दिया गया। ट्रक मालिक द्वारा शिकायत करने के बाद इस मामले में डीसीपी काशी जोन द्वारा जांच करवाई गई थी और जांच में आरोप सही पाए जाने के बाद चौकी प्रभारी के विरुद्ध कार्यवाही की गई।
ट्रक छोड़ने के लिए खाते में मंगाए थे रुपए
दरअसल दिल्ली के मयूर विहार कॉलोनी के रहने वाले ट्रांसपोर्ट अशोक कुमार ने पुलिस अधिकारियों से शिकायत किया था कि श्री राम लॉजिस्टिक नाम से उनकी ट्रांसपोर्ट कंपनी है। कंपनी का कार्यालय बंगाल में भी है और ट्रक पर माल लादकर ट्रक चालक बंगाल से प्रयागराज आ रहा था। इस दौरान वाराणसी में डाफी टोल प्लाजा के समीप पहुंचने पर चौकी प्रभारी रमना द्वारा ट्रक चालक को रोक लिया गया। ट्रक चालक को रोकने के बाद ट्रक में प्रतिबंधित मछली की बात कह कर ट्रक चालक से दो लाख मांगे गए। अशोक कुमार द्वारा यह भी आरोप लगाया गया था कि इस दौरान चौकी प्रभारी के साथ सिविल ड्रेस में भी कुछ लोग मौजूद थे और उन लोगों ने चालक के साथ मारपीट भी की थी। बाद में ट्रक छोड़ने के लिए दो लाख की डिमांड की गई, जिसमें चौकी प्रभारी द्वारा बताए गए आईसीआईसीआई बैंक के खाते में दो बार पचास-पचास हजार और तीसरी बार एक लाख रुपए भेजे गए।
Recommended Video

खाता धारक ने मोबाइल किया बंद, चौकी प्रभारी सस्पेंड
इस मामले में ट्रांसपोर्ट कंपनी संचालक अशोक कुमार के शिकायती पत्र के आधार पर काशी जोन के डीसीपी आर एस गौतम द्वारा रमना चौकी प्रभारी अमित कुमार राय को निलंबित कर दिया गया। चौकी प्रभारी को निलंबित किए जाने के साथ ही एडीसीपी राजेश पांडेय को इस मामले की जांच सौंपी गई है। बताया जा रहा है कि जिस व्यक्ति के खाते में रंग छुड़ाने के लिए रुपए भेजे गए थे उसका नाम अभिषेक यादव है जो सिर गोवर्धन का निवासी बताया जा रहा है। जांच पड़ताल के दौरान बैंक खाते में दिए गए मोबाइल नंबर पर पुलिस द्वारा संपर्क किया गया तो वह नंबर भी बंद मिला। बताया जा रहा है कि इस मामले में एडीसीपी द्वारा जांच पड़ताल किए जाने के बाद अन्य पुलिसकर्मियों पर भी कार्रवाई की जा सकती है।












Click it and Unblock the Notifications