Pollution: काशी में भगवान शिव को पहनाया मास्क, पोस्टरों पर लिखा- 'भोले अब हम क्या बोलें'
वाराणसी। एयर पॉल्यूशन के कारण वाराणसी जिले में पुजारियों का अनूठा विरोध प्रदर्शन इन दिनों खासा चर्चा में है। पुजारियों ने मंदिर में पोस्टर भी लगाए हैं जिनमें लिखा है, 'भोले अब हम क्या बोलें।' आपको बता दें कि एयर पॉल्यूशन से बचने के लिए पुजारी से लेकर श्रद्धालु तक मास्क पहने नजर आ रहे हैं। पूजन-अर्चन की सारी विधि भी मास्क पहनकर पूरी की जा रही है। इतना ही नहीं भगवानों की प्रतिमाओं को भी मास्क पहना दिया हैं। देवी-देवताओं की प्रतिमा पर मास्क लगी फोटो सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, दिवाली के बाद से उत्तर भारत के ज्यादातर हिस्से में वायु प्रदूषण का कहर जारी है। प्रदूषण और स्मॉग की जद में अब धर्म नगरी वाराणसी भी आ चुकी है। यहां पीएम 2.5 का इंडेक्स 500 के करीब पहुंच चुका है। इसे देखते हुए काशीवासी प्रदूषित वातावरण से बचने के लिए खुद तो मास्क लगा रहे हैं। बल्कि अब मंदिरों में स्थापित देवी-देवताओं को भी मास्क पहनाया जा रहा है। आपको बता दें कि वाराणसी के सिगरा स्थित काशी विद्यापीठ विद्यालय के नजदीक स्थित भगवान शिव पर्वती के मंदिर में स्थापित प्रतिमाओं को यहां के पुजारी और कुछ भक्तों ने मास्क पहना दिया है।
पुजारियों ने किया अनूठा प्रदर्शन
पुजारियों ने मंदिरों में पोस्टर भी लगाए गए हैं जिनमें लिखा है, 'भोले अब हम क्या बोलें।' यह अनूठा विरोध प्रदर्शन इन दिनों खासा चर्चा में है। बनारस में इस तरीके का विरोध प्रदर्शन करने वाले पुजारी का कहना है कि हम बाबा भोले को आम लोगों की तरह भोग लगाते हैं और तीन वक्त उनकी आरती करते हैं। उनको स्नान कराते हैं। ऐसे में जब हम यह सारी चीजें करते हैं, तो वायु प्रदूषण से उन्हें बचाने के लिए यह करना भी जरूरी है। भगवान को प्रदूषण से राहत दिलाने के लिए अपनाए गए इस कदम से लोग चकित हैं।












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