काशी विश्वनाथ धाम गली के व्यापारी क्यों भीख मांगकर कर रहे हैं प्रदर्शन? तख्तियां लेकर सड़क पर उतरे
वाराणसी, 3 जनवरी। उत्तर प्रदेश के वाराणसी में पिछले महीने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भव्य काशी विश्वनाथ धाम कॉरिडोर का लोकार्पण किया था। इसके बाद श्रद्धालु इस धाम में भारी संख्या में आ रहे हैं। नए साल पर भी धाम में लोगों की भीड़ दिखी। लेकिन काशी विश्वनाथ गली से उजाड़े गए दुकानकार और व्यापारी दुकान के बदले दुकान का आश्वासन पूरा न होने पर सड़क पर उतर आए हैं। काशी विश्वनाथ गली व्यवसायी समिति के बैनर तले व्यापारियों ने सोमवार को गोदौलिया इलाके में भीख मांगकर विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि अगर मांगें पूरी नहीं हुई तो इस विरोध प्रदर्शन को और आगे बढ़ाने की रणनीति बनाई जाएगी।

शनिवार 25 दिसंबर को विश्वनाथ गली व्यवसायी समिति के प्रतिनिधियों ने प्रेस वार्ता में कहा था कि धाम के निर्माण के दौरान सैकड़ों दुकानदारों को यह आश्वासन देकर उजाड़ा गया था कि योजना का काम पूरा होने के बाद उन दुकानदारों को दुकान के बदले दुकान दी जाएगी। लेकिन अभी तक ऐसा नहीं हो पाया है इसलिए विश्वनाथ गली के व्यापारी अब भीख मांगने के लिए मजबूर होंगे। नए साल में 3 जनवरी को विश्वनाथ गली के व्यापारी हाथ में तख्तियां लेकर सड़क पर निकल पड़े। इन तख्तियों पर लिखा था- काशी धाम के व्यापारी, आज बनने को मजबूर हैं भिखारी।

दुकानदारों ने विश्वनाथ गली व्यवसायी समिति के अध्यक्ष सोनेलाल सेठ के नेतृत्व में चित्रा सिनेमा चौक से लेकर गोदौलिया चौराहे तक हाथों में मांगों की तख्तियां लेकर पैदल मार्च किया। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि विश्वनाथ गली में करीब 100 दुकानदार अलग-अलग व्यवसाय करते थे। धाम के निर्माण से पहले प्रशासन ने कॉरिडोर में निर्मित दुकानों के आवंटन की बात लिखित और मौखिक रूप से दी थी। लेकिन इस पर प्रशासन ने अभी तक कोई पहल नहीं की है। अब दुकानदार आशंकित हैं कि दुकानें मिलेंगी कि नहीं मिलेंगी। इसी मांग को लेकर व्यापारी सड़क पर उतरे हैं।












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