Varanasi Airport के आसपास के सात गांवों में भूमि की रजिस्ट्री पर रोक, 290 एकड़ जमीन का होगा अधिग्रहण
Varanasi Airport विस्तारीकरण को लेकर तैयारियां तेज हो चुकी हैं। सोमवार को एयरपोर्ट से सटे सात गांव में भूमि की खरीद बिक्री पर रोक लगा दी गई।
वाराणसी के लाल बहादुर शास्त्री अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे के विस्तारीकरण का कार्य एक बार फिर जोर पकड़ा है। राजस्व विभाग के अधिकारियों द्वारा एयरपोर्ट के विस्तारीकरण में अधिग्रहित की जाने वाली भूमि का सीमांकन किया जा चुका है।
अब Varanasi Airport से सटे सात गांवों की भूमि की रजिस्ट्री पर रोक लगा दी गई है। चिन्हित किए गए गांवों में भूमि की रजिस्ट्री करने के लिए उप जिलाधिकारी पिंडरा से परमिशन लेने की आवश्यकता पड़ेगी। ऐसे में एयरपोर्ट से सटे गांव में रहने वाले लोगों की धड़कन बढ़ गई है।

मीडिया रिपोर्ट की मानें तो वाराणसी एयरपोर्ट से सटे सगुनहा, घमहापुर, करमी, बैकुंठपुर, मंगारी, रघुनाथपुर और बसनी आदि गांव शामिल हैं और इन सभी गांव में जमीन के क्रय विक्रय पर रोक लगा दी गई है। यदि भूमि का क्रय-विक्रय करना है तो एसडीएम की अनुमति लेनी पड़ेगी।
इसे लेकर एसडीएम वित्त संजय कुमार सोमवार को करमी गांव में स्थित प्राथमिक विद्यालय परिसर में ग्रामीणों संग बैठक किए। बैठक में एसडीएम पिंडरा अंशिका दीक्षित, एसएलओ मीनाक्षी पांडेय तथा पिंडरा तहसील के सब रजिस्टर भी मौजूद रहे।
किसानों द्वारा की गई उचित मुआवजे की मांग: बैठक में शामिल किसानों द्वारा कहा गया कि भूमि का सीमांकन उचित तरीके से नहीं किया गया है। किसानों द्वारा यह भी कहा गया कि सीमांकन सही तरीके से किए जाने के बाद सभी किसानों को उचित मुआवजा दिया जाना चाहिए।
एक बैठक में कुछ किसानों द्वारा भूमि अधिकार का दबे स्वर में विरोध भी किया गया। हालांकि मौजूद अधिकारियों द्वारा राजस्व विभाग की टीम को किसानों के साथ बैठक कर भूमि अधिग्रहण पर सहमति बनाने के लिए भी निर्देशित किया गया।
857 किसानों की भूमि होगी अधिग्रहित: बता दें कि वाराणसी एयरपोर्ट पर बड़े विमानों के लैंडिंग और टेक ऑफ के लिए रनवे की लंबाई बढ़ाई जानी है। भूमि कम होने के चलते रनवे की लंबाई बढ़ाई जाने संभव नहीं है। ऐसे में एयरपोर्ट के आसपास के किसानों की भूमि अधिग्रहित की जानी है।
भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया साल 2015 से ही प्रारंभ हुई थी जिसमें कुछ वर्षों तक कागजी प्रक्रिया ही चलती रही उसके बाद फिर सीमांकन का कार्य प्रारंभ हुआ लेकिन किसानों द्वारा विरोध प्रदर्शन किया जाने लगा। पिछले दिनों किसानों की सहमति के बाद सीमांकन का कार्य पूरा हुआ था।
पहले फेज में वाराणसी एयरपोर्ट पर करीब 290 एकड़ भूमि अधिग्रहित की जाएगी। बताया जा रहा है कि वाराणसी एयरपोर्ट के सटे गांव के 857 किसानों की भूमि अधिग्रहित की जानी है। फिलहाल, अब भूमि की खरीद बिक्री पर रोक लगाए जाने के बाद किसानों की धड़कनें बढ़ गई हैं।












Click it and Unblock the Notifications